उदयपुर. मीरा गर्ल्स कॉलेज में गुरुवार को छात्राओं के गुट गुत्थमगुत्था हो गए। समस्याओं और मांगों को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की ओर से कॉलेज बंद कराया जा रहा था, जिसके विरोध में एनएसयूआई समर्थित छात्राएं उतर आई। दोनों पक्षों में धक्का-मुक्की के बीच थप्पड़ तक चल गए। दोनों संगठनों के बीच उठा विवाद अंत में एबीवीपी वर्सेज पुलिस का हो गया।
समस्याओं को लेकर छात्रा संघ अध्यक्ष पायल जैन के नेतृत्व में एबीवीपी की छात्राओं ने सुबह 11 बजे कॉलेज परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। इन्होंने लाइब्रेरी और मेन गेट पर ताला लगा दिया। करीब एक घंटे चले घटनाक्रम में प्रिंसिपल ने समझाइश की। आखिर में 20 फरवरी तक सभी समस्याओं के समाधान का लिखित आश्वासन दिया गया। मसला हल हो ही रहा था कि एनएसयूआई से जुड़ी छात्राएं पहुंची और ताला तोड़ने की कोशिश की। इस पर दोनों गुटों में धक्का-मुक्की हुई और थप्पड़ चले। करीब एक घंटे तक गहमा गहमी का माहौल रहने के बाद समझाईश पर माहौल शांत हुआ।
एबीवीपी V/s पुलिस
एनएसयूआई V/s एबीवीपी
छात्रा संघ अध्यक्ष पायल जैन और ज्वाइंट सेक्रेटरी सुनीता सोलंकी से एनएसयूआई की स्वाति बजाज और दीपाली पंड्या से तीखी बहस हुई। पायल ने बताया कि दीपाली ने सुनीता को थप्पड़ मारा। माहौल शांत हो रहा था कि फिर से एनएसयूआई की छात्राओं ने माहौल बिगाड़ा।
छात्राओं के बीच हाथापाई हो रही थी, तब ही मौके पर खड़ी पुलिस ने नहीं रोका। आरोप है कि छात्राएं वापस उलझीं, तो महिला कांस्टेबल ने एबीवीपी की सुनीता को खींचकर थप्पड़ मारे। एबीवीपी ने पुलिस को रिपोर्ट दी, लेकिन मामला दर्ज नहीं हुआ। गिरफ्तार और कांस्टेबल को सस्पेंड करने की मांग की है।
मीरा गर्ल्स कॉलेज में उलझती एनएसयूआई और एबीवीपी की छात्राएं।
छात्राओं के हित में बंद का विरोध
^छात्राओंके सिर पर प्रेक्टिकल हैं और कॉलेज बंद करवाकर बाधाएं पैदा की जा रही है। हमने भी छात्राओं का हित देखते हुए ही बंद का विरोध किया। स्वातिबजाज, प्रतिनिधि, एनएसयूआई
एनएसयूआई विफल करने में
^छात्राओंके हित में मांग उठाना, आंदोलन करना हमारी जिम्मेदारी है। एनएसयूआई की छात्राएं हमारे हर काम को विफल करने की कोशिश में रहती हंै। पायलजैन, छात्रा संघ अध्यक्ष
पुलिस से पता चला छात्राएं भिड़ीं
^छात्राओंकी मांग को लेकर हमने समझाइश की। ज्ञापन लेकर समाधान करने की बात कही। पुलिस आई तो हमें पता चला कि छात्राअों में विवाद हो गया है। वे आपस में भिड़ी गईं। डॉ.मिलाप चंद जैन, प्रिंसिपल, एमजी कॉलेज