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जैन मंदिर से चोरी हुईं 500 साल पुरानी मूर्तियां बरामद, दो बदमाश गिरफ्तार

5 वर्ष पहले
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उदयपुर. सवीना के शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर से 500 साल पुरानी बेशकीमती मूर्तियों के चाेरी होने के बहुचर्चित मामले का पुलिस ने सोमवार को खुलासा किया। हिरणमगरी पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय तस्करों से जुड़े चोर गिरोह के दो बदमाशों को गिरफ्तार कर अष्टधातु की चार मूर्तियां बरामद की। वहीं सौदे के लिए बड़ौदा भेजी गई तीन मूर्तियों की तलाश में पुलिस की टीम रवाना हुई।

एसपी राजेंद्र प्रसाद गोयल ने बताया कि पाल सैपुर, सराड़ा निवासी करण उर्फ कन्हैया पुत्र चतरा मीणा और प्रेम लाल पुत्र कोदरा मीणा को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की निशानदेही पर अष्टधातु से बनी बेशकीमती चार मूर्तियां बरामद कर ली गई हैं। बरामद मूर्तियों में 1521 सन् की पांच सौ साल पुरानी चौबीसी भगवान की एक मूर्ति, दो पदमावती जी की मूर्तियां व एक मूर्ति नेमीनाथ भगवान की है। आरोपियों का एक साथी फरार है। वह सौदा करने के लिए तीन मूर्तियां लेकर बड़ौदा गया है।
पुलिस टीम आरोपी की तलाश में बड़ौदा रवाना हुई। फरार आरोपी की गिरफ्तारी के बाद ही नंदीश्वर भगवान, पार्श्वनाथ भगवान और वासुपूज्य भगवान की अष्टधातु से बनी मूर्तियां और डेढ़ किलो चांदी के तीन छत्र बरामद हो सकेंगे। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से एक विशेष प्रकार का कटर भी बरामद हुआ है। बदमाशों से मंदिर की जाली और नकूचा तोड़ने में इस कटर का उपयोग किया था। आरोपियों को पकड़ने में थानाधिकारी संजीव स्वामी, एसआई अरुण सिंह, हेडकांस्टेबल विक्रम सिंह, कांस्टेबल राजेन्द्र सिंह, उपेंद्र सिंह और रमेश की विशेष भूमिका रही।
एक हाथ से चोरी करने में माहिर है बदमाश
बदमाश मंदिरों में चोरियों का आदि है। गुजरात व महाराष्ट्र में भी चोरियां करना कबूला है। प्रेमलाल के खिलाफ चोरी, नकबजनी के छह मामले दर्ज हैं। प्रेमलाल एक हाथ से ही चोरी करने में माहिर है। उसका बायां हाथ कटा हुआ है। छह साल पहले आरा मशीन में आने से उसका एक हाथ कट गया था। वहीं दूसरा आरोपी करण उर्फ कन्हैया मीणा के खिलाफ भी नकबजनी चोरी व लड़ाई झगड़े के 7 मामले दर्ज हैं।
पुजारी से सुना प्राचीन मूर्ति है तो बनाई चोरी की योजना

मंदिरों में चोरी होने के आदि होने के कारण बदमाश मंदिरों के आस-पास घूमते रहते थे। रैकी के दौरान बदमाशों ने पुजारी को लोगों से कहते सुना था कि मंदिर में 500 साल पुरानी बेशकीमती और अष्टधातु से बनी मूर्तियां हैं। इसके बाद आरोपियों ने मंदिर में चोरी की योजना बनाई।
25 अक्टूबर को रात में की थी 3 मंदिरों से चोरी
25 अक्टूबर की रात आरोपियों ने शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर, सवीना में चोरी करने से पहले सवीना स्थित खेरज माता के मंदिर और सलूंबर रोड स्थित अंबामाता मंदिर से दानपात्र तोड़ कर दानराशि व सामान चोरी किया था। आरोपियों ने चोरी में विशेष प्रकार के कटर का उपयोग किया। इसी कटर से मंदिर की तीन स्तरीय जांच में सेंध लगाकर मूर्तियां व छत्र चोरी किए थे।
मंदिरों में लगाएं सेंसर, अलार्म : एसपी
एसपी राजेंद्र प्रसाद गोयल ने समाज के लोगों से अपील की कि वे मंदिरों में अलार्म सिस्टम लगाएं और मूर्तियों के पास सेंसर लगवाएं। अगर किसी ने चोरी का प्रयास भी किया तो उसे पकड़ना आसान हो जाएगा और चोरी का तत्काल पता चलने से चोरी होने से रोका जा सकेगा। मामले के खुलासे की सूचना पर जैन समाज के लोग थाने पहुंचे और एसपी को धन्यवाद दिया।
गुजरात व महाराष्ट्र के तस्करों से कर रहे थे संपर्क, मूर्तियों की कराई जांच
जैन मंदिरों से चोरी के बाद बदमाश मूर्तियां बेचने के लिए गुजरात व महाराष्ट्र के तस्करों से संपर्क साधने का प्रयास कर रहे थे। चोरी के बाद बदमाशों ने सभी मूर्तियों की जांच करा पता लगाया कि मूर्ति सोने की हैं या अष्टधातु की।
इसके बाद ही तस्करों से बदमाश मूर्तियों की कीमत लगा रहे थे। गिरोह का एक सदस्य तीन मूर्तियां लेकर साैदा करने ही बड़ौदा गया हुआ है। वह अभी पुलिस गिरफ्त में नहीं आया है, जिसकी तलाश में टीम जा चुकी है।
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