छात्राओं ने तगारी-करनी उठाई, प्लास्टर चिपकाया

5 वर्ष पहले
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उदयपुर | मीरागर्ल्स कॉलेज में कक्षाओं की जर्जर हालत से परेशान छात्राओं की शिकायत जब कॉलेज प्रशासन और पीडब्ल्यूडी ने बार-बार नजर अंदाज की तो कुछ छात्राओं ने ही रेती-सीमेंट का जुगाड़ कर अपनी जर्जर कक्षा को रिपेयर कर दिया। पिछले दिनों एक कक्षा में प्लास्तर गिरने से छात्रा घायल हो गई थी। इसके बाद कॉलेज की छात्रासंघ कार्यकारिणी ने कॉलेज प्रिंसिपल और पीडब्ल्यूडी अधिकारियों से जर्जर कक्षा को रिपेयर करने के लिए कई बार गुहार लगाई। लेकिन इस बात पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। छात्राओं ने जैसे-तैसे तगारी-कन्नी मंगाकर प्लास्तर चिपकाया। छात्राओं का कहना है कि कॉलेज में 56 हजार किताबों वाली लाइब्रेरी तो है लेकिन पुस्तकालयाध्यक्ष नहीं है। किताबें आलमारियों में धूल फांक रही हैं। अध्यक्ष डिंपल भावसार ने बताया कि मांगों के संबंध में सीएम से लेकर कलेक्टर और कॉलेज प्रिंसिपल से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ।

छेड़छाड़ की शिकायतों पर भी प्रशासन मौन

टीनालोहार, पायल जैन ने बताया कि कॉलेज गेट के बाहर कुछ असामाजिक तत्व लड़कियों से छेड़छाड़ करते हैं। पूर्व में कुछ इसकी शिकायत कर चुके हैं। टेम्पो स्टैंड की तरह हमेशा कॉलेज गेट पर टेम्पो की भीड़ लगी रहती है। इससे आने-जाने वाली छात्राओं में दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। भावसार ने बताया कि हजारों छात्राएं मदार, थूर, नाई, कविता, गोगुंदा आदि क्षेत्रों से रोज यहां पढ़ने आती हैं।

छात्राओंने ये भी उठाई मांग : पीजीमें होमसाइंस, साइकोलॉजी, वाटिनी, जूलॉजी स्ववित्तपोषित पाठयक्रम के रूप में संचालित हो रहे हैं इससे आदिवासी क्षेत्र की गरीब छात्राओं को महंगी फीस चुकानी पड़ रही है। बड़ी बात ये है कि कॉलेज में प्रत्येक पीजी में 20-20 सीटें हैं ऐसे में कैटेगरी के हिसाब से एक वर्ग की छात्राओं को 4 या 5 सीटें ही मिल पाती है। जबकि संभाग का सबसे बड़ा कॉलेज है। कॉलेज में सभी विषयों में एमए है लेकिन ड्राइंग में एमए नहीं है।

जर्जर भवन की मरम्मत करती छात्राएं।

एमजी

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