पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Local
  • Rajasthan
  • Udaipur
  • पथरीले रास्ते, प्रसव पीड़ा हो या बीमारी, अस्पताल जाना होता है मुश्किल

पथरीले रास्ते, प्रसव पीड़ा हो या बीमारी, अस्पताल जाना होता है मुश्किल

5 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
गोगुंदा (उदयपुर)। अपनेजीवन परिवार की खुशहाली के लिए को हर कोई मन्नतें मांगता है, लेकिन यहां गांव की मूलभूत समस्याओं के समाधान के लिए सरकार ने नहीं सुनी तो ग्रामीणों ने भैरूजी बावजी के मंदिर पर जाकर मन्नतें मांगनी शुरू कर दी। लोगों का कहना है कि इसके अलावा हमें कहीं से आस नहीं है। अष्टमी के दिन जागरण पर्व पर सभी समुदायों के लोग देवी-देवताओं की पूजा अर्चना करते हैं और मन्नतें मांगते है। मादा ग्राम पंचायत के राजस्व गांव बागदड़ा के महिला, पुरुष बच्चें गांव के पास स्थित भैरू जी के मंदिर पर एकत्र हुए। उन्होंने सड़क बनवाने, आंगनबाड़ी केंद्र खुलवाने, महानरेगा में रोजगार दिलवाने, एनीकट बनवाने और राशन की दुकान से गेहूं दिलवाने जैसी मन्नतें मांगी।

4बच्चों की विधवा मां को नहीं मिल रहे हंै गेहूं

पनकीबाई के चार बच्चें है, कमाने वाली अकेली है। उसने बताया कि पिछले 9 माह से महानरेगा में काम नहीं दिया जा रहा है। महानरेगा के अलावा गांव में रोजगार का अन्य कोई साधन नहीं है। राशन की दुकान से मिलने वाले गेहूं से बच्चों को खाना बनाकर दे पाती है। फिंगर मिलने के कारण उसे 2 माह से गेहूं नहीं दिए गए हैं। भैरूजी के मंदिर पर पनकी बाई ने रोजगार मुहैया करवाने और गेहूं दिलवाने की मन्नत की।

खबरें और भी हैं...