इच्छाओं पर नियंत्रण ही तृप्ति का साधन

4 वर्ष पहले
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नेमीनाथकॉलोनी सेक्टर-3 स्थित नेमीनाथ दिगंबर जैन मन्दिर में विराजित मुनि प्रमाण सागर ने शुक्रवार को अपने प्रवचनों में कहा कि इच्छाएं हमें आतुर बनाती हैं, आकुल व्याकुल करती हैं, अंततः हमें दुखी बनाती है। इच्छाओं का नियंत्रण ही इच्छा तृप्ति का साधन है। आयड़ तीर्थ पर साध्वी पूर्ण प्रज्ञा को शुक्रवार को आयड़ तीर्थ के आत्मवल्लभ आराधना भवन में गौतम पृच्छा सूत्र एवं प्रद्युम्र चारित्र ग्रंथ बोहराया गया। मंत्री कुलदीप नाहर ने बताया कि ग्रंथ बोहराने से पूर्व इससे पूर्व ज्ञान की अष्ट प्रकार की पूजा एवं पांच पूजा की गई।

भक्तिके साथ पुरुषार्थ जरूरी: आचार्य सुनील सागर : हरव्यक्ति को भक्ति के साथ पुरुषार्थ करना जरूरी है, यदि व्यक्ति भगवान के भरोसे बैठ जाएं कि भगवान की भक्ति से ही सब काम हो जाए तो यह संभव नहीं है। शुक्रवार को प्रकृताचार्य सुनील सागर ने हुमड़ भवन में जनसभा को सं‍बोधित करते हुए ये बातें कहीं। इधर साध्वी नीलांजना श्रीजी ने कहा कि समय की महत्ता पहचानना चाहिए समय किसी के लिए नहीं रुकता है। वे वासुपूज्य स्थित दादावाड़ी में नियमित चातुर्मासिक प्रवचन सभा को संबोधित कर रही थी।

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