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संघ से जुड़े प्रताप गौरव केंद्र को सरकार ने दिए 7 करोड़

4 वर्ष पहले
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प्रताप के असली गौरव हो रहे बेहाल

सिटी भास्कर रिपोर्टर | उदयपुर

राष्ट्रीयस्वयं सेवक संघ से जुड़े प्रताप गौरव केन्द्र पर विकास और संरक्षण के लिए सरकार ने 7 करोड़ रुपए का बजट दिया है लेकिन महाराणा प्रताप के असली गौरव स्थल और ऐतिहासिक विरासत केंद्र बदहाल हैं। केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय से केंद्र सरकार की स्वदेश दर्शन योजना के तहत राज्य के ऐतिहासिक किलों, विभिन्न पुरातत्व धरोहरों और पर्यटन महत्व के स्थलों के हेरिटेज सर्किट विकास के लिए बजट की स्वीकृति मिली है। लेकिन हैरानी की बात ये है कि इसमें उदयपुर के किसी ऐतिहासिक स्थल या महाराणा प्रताप के शस्त्रागार को शामिल करने के बजाय सिर्फ आरएसएस के बनाए प्रताप गौरव केन्द्र को शामिल किया है जिसके संरक्षण के लिए 716.38 लाख की मंजूरी दी गई है। जबकि प्रताप के असली गौरव केन्द्र हल्दी घाटी, चावंड में महाराणा प्रताप की समाधि स्थल, प्रताप स्मारक और गोगुंदा स्थिति मायरा की गुफा में प्रताप के शस्त्रागार स्थिति बदहाल हैं। हल्दी घाटी में ही रक्त तलाई गार्डन कचरे से अटा पड़ा है। ऐेतिहासिक महत्व रखने वाली मायरा की गुफाओं की हालत जर्जर है। इन ऐतिहासिक विरासतों की ओर तो सरकार और ही विभाग का ध्यान है।

सिर्फ जयंती और निवारण दिवस पर ही लेते हैं सुध

महाराणाप्रताप से जुड़े हल्दी घाटी, चावंड में स्थित प्रताप की समाधि स्थल, प्रताप स्मारक और गोगुंदा स्थिति मायरा की गुफा में प्रताप के शस्त्रागार स्थिति बदहाल हैं। यहां सामाजिक, धार्मिक संगठन के अलावा प्रशासन भी सिर्फ जयंती और निवारण दिवस पर ही सुध लेते हैं। सामान्य दिनों में यहां स्थिति विपरीत ही रहती है। कई बार मांग करने के बाद भी तो यहां उचित व्यवस्था हो पाई कोई ठोस प्रयास हो पाए।

पता होना चाहिए कि ज्यादा बजट कहां जरूरी है : चन्द्रशेखर

मीरागर्ल्स कॉलेज के इतिहास के व्याख्याता चन्द्र शेखर शर्मा ने बताया कि महाराणा प्रताप के स्थलों के लिए बजट सरकार दे रही है। सरकार जनप्रतिनिधियों की है और जनप्रतिनिधियों को आम जनता ने ही चुना है। ऐसे में जनप्रतिनिधियों को पता होना चाहिए कि बजट पहले प्रताप गौरव केन्द्र में लगाएं या प्रताप के ऐतिहासिक स्थलों में।

स्थलों के संरक्षण पर ध्यान देना जरूरी : राणावत

इंडियननेशनल ट्रस्ट फॉर आर्ट एंड कल्चरल हेरिटेज के कोऑर्डिनेटर पुष्पेंन्द्र सिंह राणावत ने बताया कि सरकार को प्रताप गौरव केन्द्र के संरक्षण के साथ ऐेतिहासिक स्थलों के संरक्षण पर भी ध्यान देना होगा। यह संदेश लोगों को देना होगा सरकार प्रदेश के सभी ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण के लिए तत्पर है।

सिर्फ प्रताप गौरव केन्द्र को बजट देना दिखावा : श्रीमाली

नगरनिगम में पूर्व नेता प्रतिपक्ष दिनेश श्रीमाली ने बताया कि संघ को खुश करने के लिए सरकार पर्यटन और हेरिटेज विकास के नाम पर आने वाला बजट प्रताप गौरव केन्द्र में लगा रही है जबकि प्रताप के ऐतिहासिक महत्व रखने वाले स्थल उजड़े पड़े हैं। प्रताप गौरव केन्द्र को बजट देकर सरकार संरक्षण करने का दिखावा कर रही है।

गोगुंदा में बदहाल है वह पावन स्थली जहां वीर शिरोमणी महाराणा प्रताप का राजतिलक हुआ था। इसकी देखरेख करने वाला कोई नहीं है। स्थानीय लोग ही इसे संभालते हैं। इनसेट में यहां का बहदाल परिसर।

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