पर्यावरण संरक्षण से ही गांधीजी के नवभारत का सपना संभव : रंगराजन
सेवामंदिर एवं उम्मेद मल लोढ़ा मेमोरियल ट्रस्ट के साझे में शुक्रवार को 17वां पर्यावरण पुरस्कार और स्मृति व्याख्यान समारोह विद्या भवन ऑडिटोरियम में हुआ। इसमें पर्यावरण संरक्षण में श्रेष्ठ कार्य करने वालों काे सम्मानित किया गया।
मुख्य अतिथि डॉ. महेश रंगराजन ने गांधी की आजादी के समय दांडी यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि गांधी ने जिस नए भारत के निर्माण का सपना देखा था वह पुरस्कृत लोगों के सामूहिक प्रयासों से ही संभव है। इसमें प्रथम ग्राम समूह श्रेणी में मानसा फला, प्रखण्ड झाड़ोल को सामूहिक संसाधन एवं सामूहिक चरागाह संरक्षण के लिए 15 हजार का पुरस्कार दिया गया। वन सुरक्षा एवं प्रबंध समिति प्रवर्ग में धार, रेंज बांसी, जिला प्रतापगढ़ को भी 15 हजार का द्वितीय पुरस्कार दिया गया।
कार्यक्रम में उदयपुर, राजसमंद जिलों से करीब 400 प्रतिभागी शामिल हुए। पर्यावरण पुरस्कार के अतिरिक्त सायर कंवर कवर लोढ़ा छात्रवृत्ति दीना कुंवर निवासी हट्टा जी का गुड़ा, कुंभलगढ़ को दो साल के लिए 12 हजार रुपए प्रति वर्ष के लिए दिया गया। सेवा मंदिर अध्यक्ष अजय एस मेहता, उम्मेदमल लोढ़ा मेमोरियल ट्रस्ट के अध्यक्ष हेमराज भाटी सहित अन्य ने विचार रखे। संचालन ट्रस्ट सचिव नरेन्द्र जैन ने किया।
व्यक्तिगतश्रेणी में इनको किया पुरस्कृत : 3हजार रुपए नगद और प्रशस्ति पत्र 5 व्यक्तियों को पर्यावरण संरक्षण के कार्य के लिए दिए गए। बड़गांव निवासी अंबावी, शोभावतों की भागल, आदि को दिया गया।
उदयपुर| विद्याभवन सभागार में लोढ़ा पर्यावरण पुरस्कार एवं स्मृति व्याखान कार्यक्रम में मौजूद संभागी। भास्कर
उदयपुर| विद्याभवन सभागार मेंं लोढ़ा पर्यावरण पुरस्कार देते अतिथि। भास्कर