ऑनलाइन सीडिंग नहीं होने से नहीं मिला गेहूं महिलाओं ने रसद विभाग पर किया हंगामा
उपभोक्तापखवाड़े के दूसरे दिन शुक्रवार को जिले की कई पंचायतों में उपभोक्ताओं को राशन का गेहूं नहीं मिल पाया। इसको लेकर रसद विभाग में दिनभर शिकायतों का दौर बना रहा। इस अव्यवस्था से खफा शहर के सैकड़ों उपभोक्ताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर स्थित रसद विभाग पहुंचकर हंगामा भी किया। शहर में वार्ड 14 में किशनपोल स्थित राशन डीलर की दुकान पर आपत्ति करते हुए महिलाओं ने दफ्तर में बैठे कर्मचारियों से जमकर बहस की। वे राशन डीलर के खिलाफ गेहूं नहीं देने का आरोप लगा रही थी। इस दौरान प्रवर्तन अधिकारी जैमल राठौड़ और प्रवर्तन निरीक्षक प्रद्युम्न सिंह राणावत ने समझाइश की। घंटों हंगामा के बीच राशन डीलर राजेन्द्र मीणा को बुलाया गया तो महिला उपभोक्ता जरीना बानो उसपर गेहूं की कालाबाजारी का आरोप लगाने से भी नहीं चुकी। राशन डीलर ने अधिकारियों के सामने स्पष्ट किया कि कोई कालाबाजारी नहीं होती, बल्कि ज्यादातर उपभोक्ताओं ने ऑनलाइन सीडिंग में नाम नहीं जुड़वाए हैं। उन उपभोक्ताओं को गेहूं नहीं मिलने की शिकायत हुई है। गौरतलब है कि 11 फरवरी से पीओएस मशीनों से ही गेहूं वितरण करना अनिवार्य किया है। इस नियम में उपभोक्ता का आधार कार्ड और राशन कार्ड नंबर की ऑनलाइन सीडिंग होने पर ही उसे गेहूं मिल सकेगा।
}पीओएस मशीन से अप्रशिक्षित हैं डीलर्स: जिलेमें पीओएस मशीन से ज्यादातर डीलर्स अप्रशिक्षित हैं। उन्हें इसे ऑपरेट करने की कोई विशेष ट्रेनिंग नहीं दी गई है। पहले रजिस्टर में एंट्री कर गेहूं वितरण की व्यवस्था थी।
}मशीनका छोटा की-पैड : राशनडीलर्स को दी गई पीओएस मशीन का की-पैड बेहद छोटा है। जिसमें बटन बहुत छोटे होने से उंगली से बटन डायल करते समय दो-तीन बटन एक साथ दब जाते हैं।
}ऑनलाइनसीडिंग से अनजान : ज्यादातरउपभोक्ता ऑनलाइन सीडिंग नहीं करा रहे। उन्हें अपने क्षेत्र के डीलर दुकान पर आधार कार्ड, राशनकार्ड नंबर की ऑनलाइन सीडिंग करानी होगी।
}नेटवर्ककी दिक्कत : ज्यादातरपंचायत समितियों में नेटवर्क की नियमित कनेक्टिविटी नहीं होने से ऑनलाइन सीडिंग का काम नहीं हो पा रहा।
^शुरुआत में जिलेभर से कुछ शिकायतें रही हैं। उनका समाधान तुरंत किया जा रहा है। योजना से काफी हद तक कालाबाजारी पर लगाम लगेगा। वंचित उपभोक्ताओं से अपील है कि वेे अपना आधार राशन कार्ड नंबर अपने डीलर को दें, जिससे उनका नाम ऑनलाइन सीडिंग में जुड़ सके। तभी उन्हें गेहूं मिलेगा। हिम्मतसिंह भाटी, जिला रसद अधिकारी
मशीन से गेहूं वितरण की प्रक्रिया से परेशान जिले के करीब 10 राशन डीलरों ने रसद विभाग को इस्तीफा लिखकर भेज दिया। विभाग भी इससे अचानक सकते में गया है। क्योंकि 10 डीलर्स पर हजारों उपभोक्ताओं के लिए परेशानी खड़ी हो सकती है। ऐसे में विभाग ने इन सभी डीलर्स से समझाइश की और इस्तीफा स्वीकार नहीं किया।
गेहूं नहीं मिलने से नाराज उपभोक्ता रसद विभाग के ऑफिस पहुंचकर विरोध में हंगामा करते हुए। भास्कर