सिंधी समाज : सामूहिक विवाह में 21 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे
उदयपुर| सिंधीसमाज का 20वां सामूहिक विवाह समारोह शुक्रवार को शोभागपुरा स्थित शुभ केसर वाटिका में हुआ। इसमें पाकिस्तान के सिंध से यहां आए संत साधराम ने पहुंचकर वर वधुओं को आशीर्वाद दिया।
कार्यक्रम को यादगार बनाने के लिए समाज के युवा कार्यकर्ताओं ने वाटिका को संत साधराम नगर के रूप देकर आकर्षक अंदाज में सजाया। इसमें 21 जोड़ों को पं. देवकिशन पुरोहित के नेतृत्व में पंडितों ने वर वधुओं को परिणय सूत्र में बांधा। संत साधराम के आशीर्वाद देते समय संत मंडली के भगत लख्मीचंद के अलाहिजे कंहिसा राजी अा..., आयोलाल झूलेलाल झूलेलाल..., जैसे कई मनमोहक गीत प्रस्तुत किए। उनकी मधुर ध्वनि पर घराती-बराती और विवाह स्थल पर मौजूद समाजजन झूम उठे।
ऐसे हुईं विवाह की रस्में
पं.देव किशन पुरोहित और झूलेलाल सेवा समिति अध्यक्ष प्रताप राय चुघ ने बताया कि दोपहर 12.30 बजे सेहराबंदी साट शगुन की रस्म हुई। इसके बाद डिख का शगुन, डर डावण, वैदिक मंत्र पूजन, वेदी संस्कार और विवाह पद्धति विधि-विधान से कराई गई।
संतने दिए आशीष : संतसाधराम ने नए जोड़ों को आशीष देते हुए कहा कि विवाह बंधन अग्नि की तरह पवित्र होता है, इसीलिए अग्नि को साक्षी मान फेरे लिए जाते हैं। मेरी यही कामना है कि आप सभी ताउम्र इस पवित्र बंधन में बंधे रहें। इसके बाद वे मुख्य मंच पर विराजमान हो गए जहां अन्य समाजजनों ने मंच पर पहुंचकर आशीर्वाद लिया। यहां रात 8 बजे संतसाधराम के प्रवचन हुए।सत्संग आज: समाजके हरीश चावला ने बताया कि संत साधराम का सतसंग शनिवार को पंचर| कॉम्पलेक्स, फतहपुरा में होगा। चावला के मुताबिक साधराम रविवार सुबह उदयपुर से वडोदरा, गुजरात के लिए प्रस्थान करेंगे।
उदयपुर. सिंधीसमाज के सामूहिक विवाह में पांडाल में बैठे वर-वधु और उनके परिजन। भास्कर