भाजपा के पूर्व पार्षद गंगाराम तेली को एक साल की कैद
उदयपुर। न्यायिकमजिस्ट्रेट प्रथम वर्ग शहर दक्षिण क्रम-2 ने नगर निगम के पूर्व बोर्ड में भाजपा से पार्षद रहे गंगाराम तेली को कूटरचित दस्तावेज से चुनाव लड़ने के आरोप में सोमवार को एक साल के कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई है।
कांग्रेस उम्मीदवार विजयशंकर ने अदालत में इसके खिलाफ परिवाद पेश किया था। नवंबर 2009 में नगर परिषद चुनाव के दौरान वार्ड 9 से उनके सहित भाजपा की ओर से ब्रह्मपोल अंदर गमेतियों का मोहल्ला निवासी गंगाराम पुत्र शंकरलाल तेली, निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में पंकज कुमावत और प्रेमशंकर कुमावत ने 11 नवम्बर को निर्वाचन अधिकारी के समक्ष नामांकन पेश किए थे। 12 नवम्बर 2009 को रिटर्निंग अधिकारी ने फार्म की जांच कर सभी सही पाए थे। नगर परिषद के 23 नवम्बर को हुए चुनाव के 26 नवम्बर को घोषित हुए परिणामों में भाजपा उम्मीदवार गंगाराम तेली विजयी घोषित हुए। आरोप है कि गंगाराम तेली ने नामांकन पत्र में नाई थाने में दर्ज मुकदमे की जानकारी छिपाई जबकि उस समय अदालत में आरोप पत्र भी पेश किया जा चुका था। उसमें अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट क्रम-3 ने प्रसंज्ञान भी लिया था। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम वर्ग शहर दक्षिण क्रम-2 की पीठासीन अधिकारी ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद आरोपी गंगाराम तेली को दोषी करार देते हुए आईपीसी की धारा 193 में एक वर्ष के कारावास और दस हजार रुपए जुर्माना की सजा सुनाई। इसके अलावा धारा 199 और 200 में एक-एक वर्ष का कारावास और पांच-पांच हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई।