यूआईटी के लिए मुसीबत बन चुका है यह प्रोजेक्ट
कन्वेंशन सेंटर के लिए पीपीपी मोड पर फिर मांगे प्रस्ताव
चित्रकूटनगर, भुवाणा में साढ़े आठ साल से अधूरे पड़े कन्वेंशन सेंटर को पीपीपी मोड पर पूरा कराने के लिए यूआईटी ने सोमवार को फिर से प्रस्ताव आमंत्रित किए हैं। 28 मार्च तक प्रस्ताव दिए जा सकते हैं। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने अपने पहले कार्यकाल में 24 सितंबर, 2007 को कन्वेंशन सेन्टर का शिलान्यास किया था। मुख्यमंत्री की मां विजयाराजे सिंधिया के नाम पर कन्वेंशन सेंटर बनना है। यूआईटी सचिव रामनिवास मेहता ने बताया कि जो भी कंपनी आगे आएगी उसको 40 साल के लिए कन्वेंशन सेंटर को संचालन के लिए दिया जाएगा। इसके बदले यूआईटी को सालाना कम से कम 18 लाख की आय का अनुमान है। हालांकि, जो कंपनी सालाना ज्यादा शुल्क देने का प्रस्ताव देगी उसको यह प्रोजेक्ट दिया जाएगा। यूआईटी इस पर सात करोड़ रुपए खर्च कर चुकी है। करीब 21 करोड़ का खर्चा और होने का अनुमान लगने के बाद में यूआईटी ने काम रोक दिया था।
जैसे-तैसे इसको पूरा कराने के लिए पिछले साल 132 करोड़ का नया प्रस्ताव तैयार किया गया। तय किया गया कि जो भी कंपनी इसको पूरा करेगी उसको पास ही होटल के लिए जमीन दी जाएगी। 60 साल बाद होटल और कन्वेंशन सेंटर की प्रोपर्टी यूआईटी के पास जाएगी। कई दिनों के इंतजार के बाद भी कोई आगे नहीं आया। इसी बीच गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया के आग्रह पर पिछले साल राजस्थान एसोसिएशन ऑफ नॉर्थ अमेरिका (राना) के अध्यक्ष और प्रतिनिधि उदयपुर भी आए, मगर प्रोजेक्ट को पूरा करने में उन्होंने भी रूचि नहीं दिखाई।