बच्चों को स्कूलों- अस्पतालों में खिलाई डीवर्मिंग की दवा, चार की तबियत बिगड़ी
राज्यव्यापीअभियान में बुधवार को राष्ट्रीय कृमि दिवस मनाया गया। इस अभियान में 1 से 19 साल के बच्चों को अस्पतालों और स्कूलों में डीवर्मिंग की दवा दी गई। इधर, भटेवर ब्लॉक में डीवर्मिंग की दवा लेने के बाद चार बच्चों की तबियत बिगड़ गई। उन्हें जी मिचलाने की शिकायत पर 108 एंबुलेंस से एमबी हॉस्पिटल के बाल चिकित्सालय लाकर इलाज दिलाया गया।
जिला स्तरीय समारोह चिकलवास के राजकीय माध्यमिक विद्यालय मेंं हुआ। यहां सांसद अर्जुनलाल मीणा ने अपने अलग ही अंदाज में बच्चों, शिक्षक-शिक्षिकाओं और ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। उन्होंने स्वास्थ्य के बारे में प्रश्न पूछकर सामान्य ज्ञान परखा। इस दौरान सही जवाब देने पर कक्षा दसवीं के छात्र सोनू सेन, छात्र कैलाश गमेती, छात्रा रोहित कुंवर, विद्याभवन गांधियन बीएड कॉलेज की छात्राध्यापिका जया कुंवर और छात्राध्यापक दिनेश धायन को सांसद अर्जुनलाल मीणा ने नकद पुरस्कार दिए। यहां सांसद और गोगुंदा विधायक प्रतापलाल गमेती ने बच्चों को दवा पिलाकर अभियान की शुरुआत की। जिला परिषद के सीईओ अविचल चतुर्वेदी भी मौजूद थे। सीएमएचओ डॉ. संजीव टांक ने बताया कि अभियान में 15 फरवरी तक मोप अप राउंड में छुटे हुए बच्चों को दवा दी जाएगी।
चारबच्चों की सेहत बिगड़ी : भटेवरब्लॉक में डीवर्मिंग डे पर एल्बेंडाजोल दवा देने के बाद चार बच्चों की तबियत बिगड़ गई। चारों को जी घबराना जैसी शिकायत हुई। परिजनों के घबराने पर चारों बच्चों को एंबुलेंस से बाल चिकित्सालय भेजा गया। यहां जांच के बाद दवा देकर वापस भेज दिया गया। सीएमएचओ डॉ. संजीव टांक ने बताया कि यह दवा देने के बाद सामान्य लक्षण है। जो अक्सर संभव है। जिन बच्चों में अधिक मात्रा में कृमि होते है, उन्हें दवाई देने पर पेट में हल्का दर्द एवं थकान महसूस हो सकती है।
जिले के सभी मदरसों में भी दवा दी गई। जिला अल्प संख्यक कल्याण अधिकारी रफीक अहमद खान एवं कार्यक्रम अधिकारी मोहम्मद सलीम शेख ने कार्यक्रम के प्रभावी निर्देशन के निर्देश देेते हुए निरीक्षण किया।
इसलिएआंतों में होते हैं कृमि
कृमिमनुष्य की आंत में रहते हैं। बच्चों में यह नंगे पैर खेलने, बिना हाथ धोए खाना खाने, खुले में शौच करने और साफ-सफाई नहीं रखने से अधिक खतरा पैदा करते हैं। इसे नहीं रोकने पर खून की कमी, कुपोषण, थकान और बेचैनी, भूख लगना, पेट में दर्द, उल्टी-दस्त और मल में खून की शिकायत हो सकती है। कृमि संक्रमण चक्र की रोकथाम के लिए ये दवाई बच्चों को दी जाती है।