लहरों पर राग और रॉक म्युजिक की सिंफनी
महीनोंकी तैयारियों के बाद लेकसिटी में गुरुवार को पहला लेक फेस्टिवल शुरू हुआ। रोशनी की चकाचौंध में झीलें तैरती दिखीं। रॉक बैंड की प्रस्तुति शुरू हुई तो लहरों पर रॉक म्युजिक और राग का संगम भी हुआ। इससे पहले दिन भर ड्रेगन बोट और कयाकिंग केनोइंग पोलो का डेमोंस्ट्रेशन हुआ और पतंगबाजी हुई। लेक फेस्टिवल में पहला दिन का खास आकर्षण रात को हुए रॉक बैंड की प्रस्तुति और वॉटर कर्टन पर लेजर शो रहा। फतहसागर के बंबइया बाजार की बंसियों से करीब 25 फीट दूरी पर फ्लोटिंग स्टेज बना था। इस पर इंडियन ओसियन बैंड की धमाकेदार प्रस्तुति ने युवाओं का दिल जीत लिया। युवाओं में रॉक बैंड का क्रेज इस कदर था कि बार-बार “वंस मोर’ बोल नए गानों की फरमाइश कर रहे थे। बैंड के सदस्यों ने दर्शकों से गजब की जुगलबंदी बना ली थी। जैसे ही वो ड्रम की बीट्स बजाते वैसे ही दर्शक तालियों से उनका साथ देते। यह सिलसिला काफी देर तक चला। रॉक बैंड के राहुल राम की उंगलियां तो जैसे गिटार पर नाच रही थी। बैंड ने मसान फिल्म के गाने भी गाए। (सिटीफ्रंट भी पढ़ें)
आठ बोट में सजी फ्लोटिंग दुकानें
चारदिन तक चलने वाले इस फेस्ट में गुरुवार को ड्रेगन बोट और कयाकिंग केनोइंग पोलो का डेमोंस्ट्रेशन हुआ। पीछोला झील में श्रीनाथ जी की आरती हुई। बोट मार्केट लगाया गया। आठ बोट में ज्वैलरी, पेंटिंग्स, फूलों के गुलदस्ते और सब्जी की दुकानें लगीं।
उदयपुर. फतहसागरकी पाल पर प्रस्तुति देते इंडियन आसियन बैंड के कलाकार।