यूआईटी की ढिलाई, फतहसागर में भराव डालने वाले को कोर्ट से मिला स्टे
उदयपुर | फतहसागरपेटे में हजारों टन भराव डालने वाले व्यक्ति को हाईकोर्ट से स्टे मिल गया है। ऐसे में एक बारगी कार्रवाई खटाई में पड़ गई है। इसके पीछे एक बड़ा कारण यूआईटी की ढिलाई को माना जा रहा है। जनवरी 2014 में रात के अंधेरे में झील पेटे में खाली किए गए इस भराव को बाहर निकालने के लिए यूआईटी ने इस साल 20 जनवरी को ही अपने संसाधन लगाए थे। उस समय संबंधित व्यक्ति ने भराव निकालने के पेटे खर्च के नाम यूआईटी को 10.45 लाख का चेक सौंपा। दो-तीन दिन इसने अपने संसाधन लगाकर भराव निकालने का काम शुरू किया था, लेकिन बाद में बीच में ही उसने काम रोक दिया। स्थिति देख यूआईटी ने इसी माह 3 तारीख को दोबारा अपने संसाधन लगाए थे। भराव निकालने का काम पूरा होने से पहले हाईकोर्ट से स्टे ले लिया। मंगलवार को स्टे की कॉपी यूआईटी के पास पहुंची।
ऐसे बरती ढिलाई
अफसरोंने भराव डालने वाले के सिर्फ एक आग्रह पर 20 जनवरी को अपनी कार्रवाई राेक दी। उसके बाद दो-तीन दिन भराव निकालने के बाद उस व्यक्ति ने बीच में ही काम रोक दिया। उसके बावजूद यूआईटी अफसर चुप बैठे रहे, संबंधित पटवारी या अभियंता ने मौके पर जाकर देखा तक नहीं। 12 दिन बाद यूआईटी फिर जागी। इसमें भी सिर्फ एक जेसीबी और एक पोकलैंड मशीन लगाकर भराव निकालने के नाम पर खानापूर्ति की गई। इसी बीच भराव डालने वाले ने हाईकोर्ट से स्टे ले लिया।
^फतहसागर पेटे में भराव डालने वाले व्यक्ति को कोर्ट से स्टे मिलने की जानकारी मिली है। वैसे हमने तो भराव निकालने संसाधन लगाए थे। गोवर्धनसिंह झाला, तहसीलदार, यूआईटी