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पेज एक का शेष...

5 वर्ष पहले
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पेज एक का शेष...

स्टेनो भर्ती : अब...

इसकेलिए राजस्थान अधीनस्थ कार्यालय लिपिक वर्गीय सेवा नियम-1999, राजस्थान सचिवालय लिपिक वर्गीय सेवा नियम-1970 तथा राजस्थान लोक सेवा आयोग (लिपिक वर्गीय एवं अधीनस्थ सेवा) नियम और विनियम-1999 में संशोधन को भी मंजूरी दी गई है। अब किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से कंप्यूटर साइंस अथवा कंप्यूटर एप्लीकेशन में डिग्रीधारक एवं किसी मान्यता प्राप्त शिक्षा बोर्ड से कंप्यूटर विषय के साथ सीनियर सैकंडरी कक्षा पास अभ्यर्थी भी इस पद के लिए पात्र होंगे। सेवा नियमों में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति अभ्यर्थियों को टाइपिंग परीक्षा उत्तीर्ण करने की छूट तथा अनुग्रह अंक के प्रावधान को समाप्त करने का निर्णय लिया गया है।

यूनानी-होम्योपैथीडॉक्टरों की पदोन्नति की राह खुली : आयुर्वेदविभाग की तरह 6 मई 1990 से 31 दिसंबर 1993 तक अस्थायी या अर्जेंट टेम्परेरी आधार पर नियुक्त होम्योपैथी एवं यूनानी चिकित्सकों को भी स्क्रीनिंग कर नियमित किया जा सकेगा। आयुर्वेद, यूनानी, होम्योपैथी एवं प्राकृतिक चिकित्सा सेवा नियम-1973 में संशोधन को मंजूरी दी गई है। उधर, राजस्थान चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधीनस्थ सेवा नियम-1965 में संशोधन कर जूनियर साइंटिफिक असिस्टेंट के पद की योग्यता में बी.फार्मा की डिग्री जोड़ने का निर्णय लिया गया।

जोहमारी मुंतजिर...

मांसे इस प्रेम की झलक इस शायरी में नजर आती है...

किसीको घर मिला हिस्से में या दुकां आई, मैं घर में सबसे छोटा था मेरे हिस्से में मां आई।

इस तरह मेरे गुनाहों को वो धो देती है, मां बहुत ग़ुस्से में होती है तो रो देती है।

लबों पे उसके कभी बददुआ नहीं होती, बस एक मां है जो मुझसे ख़फ़ा नहीं होती।

राणाने मां सिर्फ शायरी नहीं कि, मां फाउंडेशन भी बनाया है। मां पर लिखी शायरी से हाेने वाली सारी आमदनी वे जरुरतमंदों पर खर्च करते हैं। वे कहते हैं कि

मेरीख्वाहिश है कि मैं फिर से फरिश्ता हो जाऊं, मां से इस तरह लिपट जाऊं कि बच्चा हो जाऊं।

घेर लेने को मुझे जब भी बलाएं गईं, ढाल बनकर सामने मां की दुआएं गईं।

राणाके पारिवारिक सूत्रों के मुताबिक बताया कि आयशा खातून को बुधवार सुबह मुनव्वर के गृह नगर रायबरेली में सुपुर्दे खाक किया जाएगा। लेकिन राणा के ही शब्दों में ही-

जबतक रहा हूं धूप में चादर बना रहा

मैं अपनी मां का आखिरी जेवर बना रहा।

उदयपुरमें...

हुसैनअपने पांच दोस्तों, सद्दाम कूंजड़ा, मोहम्मद अख्तर उर्फ मोनू, सईद उर्फ भय्यू, जावेद और सोनू के साथ मल्लातलाई चौराहे पर चाय पीने रुका था। तभी एक मोटर साइकिल पर सवार दो युवक उनके पास आकर रुके। बदमाशों ने मोहम्मद हुसैन पर दाे फायर किए। पहले फायर से निकली गोली दाईं भुजा के नीचे पसलियों के पास पेट में लगी। दूसरा फायर किया था लेकिन गोली बाहर नहीं निकली। इसके बाद दोनों बदमाश गाड़ी तेजी से भगा कर फरार हो गए। पुलिस का कहना है कि मोटर साइकिल चलाने वाला लड़का सिर पर हेलमेट लगाए था जबकि पीछे बैठे युवक के सिर के बाल घुंघराले थे। गंभीर रूप से घायल मोहम्मद हुसैन को भट्ट जी की बाड़ी स्थित एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया। सुबह ही हुई इस घटना से बाजार में भगदड़ मच गई।

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