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लोकार्पण के 57 दिन बाद खुले आकोदड़ा बांध के गेट

5 वर्ष पहले
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देवासप्रोजेक्ट-2के जयपुर में हुए औपचारिक लोकार्पण के 57 दिन बाद आखिरकार मंगलवार सुबह अाकोदड़ा बांध का पानी पीछोला मेंं डायवर्ट कर दिया गया। इससे पीछोला-फतहसागर के खाली तल अगले दाे, तीन दिन में फिर से ढके नजर आएंगे। बांध में यह पानी इतने दिन अनुपयोगी पड़ा था।

मंगलवार को सुबह 11.30 बजे आकोदड़ा का गेट डेढ़ फीट खोला गया। तीन घंटे में 11.05 किमी. लंबी टनल का सफर तय कर पानी दोपहर ढा़ई बजे कोडियात में टनल के आउट लेट पर पहुंचा।

इसके बाद शाम साढ़े छह बजे यह पानी पीछोला पहुंच गया। तब सीसारमा नदी में पानी का बहाव ढ़ाई फीट था। पीछोला-फतहसागर का जलस्तर 10-10 फीट होने तक आकोदड़ा का गेट खुला रहेगा। मंगलवार को पीछोला का जलस्तर पौने आठ आैर फतहसागर का सवा आठ फीट था। बुधवार को स्वरूप सागर लिंक नहर का गेट खोल पीछोला का पानी फतहसागर में डाला जा सकता है। इस प्रोजेक्ट के लोकार्पण के बाद पहली बार आकोदड़ा का गेट खाेला गया है। पिछले मानसून में भी बांध का पानी पीछोला में डायवर्ट किया गया था, हालांकि तब जरूरत कम होने से एक दिन बाद बांध का गेट बंद कर दिया गया।

उदयपुर आकोदड़ा बांध के गेट खाेलने से देवास द्वितीय टनल से पीछोला में जाता पानी

प्रशासनिक स्तर पर यह तय किया गया है कि पीछोला-फतहसागर का जलस्तर 10-10 फीट होते ही बांध का गेट बंद कर दिया जाएगा। ऐसे में यह सवाल उठता है कि बांध में इतना पानी है कि दोनों झीलों को 11-11 फीट भरने के बावजूद बांध में करीब 20 फीट और रहेगा। उसका वहां कोई उपयोग भी नहीं रहेगा। उसके बावजूद प्रशासनिक स्तर पर यह निर्णय क्यों लिया गया है।

9 फरवरी को प्रकाशित खबर

भास्कर नेमंगलवार को सवाल खड़ा किया था कि अधिकारी लेक फेस्टिवल की तैयारी में जाेर-शोर से जुटे हैं, मगर आकोदड़ा का पानी डायवर्ट करने को लेकर निर्णय नहीं कर पा रहे हैं। जबकि बांध में पानी अनुपयोगी पड़ा है और पीछोला फतहसागर के तल दिखने लगे हैं। भास्कर की खबर के बाद ये फैसला लिया गया।

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