प्रदेश में 267 कॉलेज: बीएसटीसी की 13 किताबों की पांडुलिपियां तैयार

6 वर्ष पहले
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उदयपुर। प्रदेश के 267 बीएसटीसी कॉलेजों के पाठ्यक्रम की पांडुलिपियां तैयार हो गईं हैं। राज्य शैक्षिक एवं प्रशिक्षण संस्थान (एसआईईआरटी) उदयपुर ने बेसिक स्कूल टीचर कोर्स (बीएसटीसी) के द्वितीय वर्ष का भी पाठ्यक्रम तैयार लिया है।
विषय विशेषज्ञों और शिक्षाविदों की मदद से अलग-अलग विषयों में 13 पुस्तकों की पांडुलिपियां तैयार की गई हैं। इन्हें हाल ही राज्य पाठ्य पुस्तक मंडल को प्रिंट कराने के लिए भेजा गया है। प्रिंट होने के बाद यह पुस्तकें प्रदेश के 267 बीएसटीसी कॉलेजों के करीब 15 हजार विद्यार्थियों को मुहैया हो सकेगी। राज्य में पहली बार बीएसटीसी के लिए सहायक पाठ्य सामग्री के रूप में यह पाठ्यक्रम बनाया गया है। पिछले साल बीएसटीसी प्रथम वर्ष की पुस्तकें तैयार की गई थी। प्रदेश में अब तक सरकार का अधिकृत पाठ्यक्रम नहीं था। इससे विद्यार्थियां को निजी प्रकाशक या फिर गाइड के भरोसे टुकड़ों-टुकड़ों में अध्ययन सामग्री जुटानी पड़ रही थी।
क्षेत्रीय भाषा में एक का चयन करेंगे विद्यार्थी
एसआईईआरटी मेंं डिप्टी डायरेक्टर कृष्णा चौहान ने बताया कि द्वितीय वर्ष के पाठ्यक्रम में अब क्षेत्रीय भाषाओं को चुनकर पढ़ने का विकल्प दिया गया है। इसमें उर्दू, पंजाबी, सिंधी, गुजराती एवं संस्कृत भाषा को शामिल किया गया है। विद्यार्थी को इसमें से एक भाषा का चयन करना होगा। इसके अलावा गणित, विज्ञान, अंग्रेजी, सामाजिक विज्ञान आदि विषय शामिल हैं।
इंटर्नशिप में 6 पीरियड पढ़ाने होंगे
इंटर्नशिप के दौरान स्कूल में 6 पीरियड पढ़ाने होंगे। इससे पहले तीन या चार पीरियड ही लेने होते थे। प्रथम और द्वितीय वर्ष में 50-50 दिन की इंटर्नशिप होगी। शुरुआत के 10 दिन तक बिना पढ़ाए सिर्फ कक्षा में शिक्षण-व्यवस्था समझनी होगी। विद्यालय विकास समिति और प्रबंधन समिति के दायित्व और गतिविधियों में भी सक्रियता दिखाना अनिवार्य होगा।
राज्य में पहली बार बीएसटीसी पाठ्यक्रम बना है। गत वर्ष प्रथम वर्ष की पुस्तकें बनाई थी और इस साल द्वितीय वर्ष की सभी 13 पुस्तकों की पांडुलिपियों को प्रिंट कराने के लिए पुस्तक मंडल को भेजा गया है।
विनीता बोहरा, डायरेक्टर, एसआईईआरटी
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