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फैक्ट्री अग्निकांड: चार परिवारों को मिली आर्थिक सहायता, तीन अब भी वंचित

5 वर्ष पहले
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उदयपुर. सुखेर रीको इंडस्ट्रीयल एरिया की दीपा कैमिकल एंड साइंटिफिक हाउस फैक्ट्री में हुए अग्निकांड के मृतकों में से 4 परिवारों को प्रशासन व फैक्ट्री की ओर से आर्थिक सहायता मिल गई है। यह वह परिजन है जिनकी जनप्रतिनिधियों ने सुध ली थी। जबकि अन्य 3 परिवारों की प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने कोई खैर-खबर नहीं ली। इधर, फैक्ट्री मालिक दिनेश हरकावत और मनीष तलेसरा घटना के 15 दिन बाद भी फरार ही हैं।
 
अग्निकांड में अलीपुरा निवासी मदन (30) पुत्र बाबूलाल गमेती की मौत के बाद समाजजनों ने मुर्दाघर में विरोध प्रदर्शित किया था। जन आक्रोश के चलते ग्रामीण विधायक फूल सिंह मीणा पहुंचे थे और आर्थिक सहायता दिलवाने का भरोसा दिलाया है। इसके बाद फैक्ट्री मालिकों की ओर से एक प्रतिनिधिमंडल मृतक के परिजनों मिला। विधायक फूल सिंह मीणा ने मदन गमेती और  नोहरा नाई निवासी श्यामलाल गमेती के परिजनों को मुख्यमंत्री सहायता कोष के तहत 50-50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई और फैक्ट्री मालिकों के रिश्तेदार भी इनके घर पहुंच परिजनों के नाम पर 5-5 लाख रुपए के चेक दे चुके हैं। 
 
वहीं दादिया, गोगुंदा निवासी मनोहर गमेती और शांतिलाल गमेती के परिवारों को तहसीलदार हुकम कुंवर ने प्रधान और उपप्रधान की मौजूदगी में मुख्यमंत्री सहायता कोष के 50-50 हजार रुपए आर्थिक सहायता पहुंचाई। यहां जनप्रतिनिधि सक्रिय हुए तो फैक्ट्री मालिकों ने इन परिवारों को भी 5-5 लाख रुपए की आर्थिक सहायता पहुंचा दी है।
 
मैनेजर प्रफुल्ल के परिजनों की किसी ने नहीं ली सुध 
अग्निकांड में प्रफुल्ल रावल की मौत के  बाद से पूरा परिवार गमजदा है। प्रफुल्ल की मां प्रेमलता सदमें मे हैं और चल-फिर भी नहीं पा रही हैं। रिश्तेदार परिवार को सहारा दे रहे हैं। लेकिन दिलासा देने के लिए किसी के पास कोई शब्द नहीं होते। इतने दिन बीत जाने के बाद भी न तो प्रशासन और न ही जनप्रतिनिधियों ने परिवार की सुध ली है। यही कारण है कि परिवार को अभी तक कोई आर्थिक सहायता नहीं मिल सकी है। यही हाल हादसे के शिकार हुए मृतक कुशीनगर, यूपी निवासी मृतक राजेश तिवारी और समस्तीपुर, बिहार निवासी कालीचरण के परिवार का है। इनकी भी किसी ने सुध नहीं ली तो फैक्ट्री मालिकों की ओर से इन्हें भी कोई आर्थिक सहायता नहीं पहुंचाई गई है।
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