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परिजनों को डूबे बच्चों की हत्या की आशंका, आश्वासन बाद उठाए शव

5 वर्ष पहले
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उदयपुर। आठ दिन लापता रहने के बाद शनिवार को उदयसागर की नदी में मिले मटून गांव के दो बालकों के शवों के पोस्टमार्टम के दौरान परिजनों ने अाक्रोश जताया। मटून गांव के बाशिंदों और परिजनों ने बालकों की हत्या की आशंका जताते हुए शव उठाने से इंकार कर दिया था। पुलिस के जांच अधिकारी की अोर से एक माह में हत्या की आशंका की जांच का आश्वासन मिलने पर बालकों के शव उठाए गए। मटून निवासी गांछी समाज के बालक अनुराग गांछा (12) पुत्र गणपत और सौम्य गांछा (9) पुत्र शंकर 6 फरवरी को अचानक लापता हाे गए थे। स्कूल बंद होने के बाद दोनों चचेरे भाई गांव के अन्य बच्चों के साथ घर के लिए रवाना हुए थे लेकिन पहुंचे नहीं थे। परिजनों ने उसी दिन रात को हिरणमगरी पुलिस को दोनों की गुमशुदगी की सूचना दी थी। 13 फरवरी को दोनों बालकों के शव उदयसागर से सूखा नाका के बीच आयड़ नदी से बरामद किए गए। परिजनों ने बालकों की हत्या होने की आशंका जताते हुए शनिवार को पोस्टमार्टम कराने से रोक दिया था।

रविवार सुबह से मृत बालकों के रिश्तेदारों और मटून वासियों ने एमबी अस्पताल के मुर्दाघर के बाहर आक्रोश जताया। पूर्व सरपंच ओनार सिंह देवड़ा की पुलिस अफसरों के साथ हत्या की आशंका को लेकर चर्चा हुई। देवड़ा का कहना था कि पानी में डूबने वाले व्यक्ति का शव दो-तीन दिन में पानी से फूल कर अपने आप बाहर आ जाता है। वहीं दोनों बालकों के शव आठ दिन बाद बरामद हुए। एएसआई सज्जन सिंह ने आश्वासन दिया कि एक माह में इस हादसे की जांच कर नतीजा बता देंगे। इसके बाद दोनों बालकों के शव दोपहर 2 बजे उठाए गए। गांव में 3 बजे शव पहुंचने के बाद परिजनों ने अंतिम क्रिया करने से इंकार कर दिया। मोतबीरों के समझाने पर शाम 5 बजे अंतिम संस्कार किया ।
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