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पर्यटक और शहरवासी परेशान होते रहे, खाली ऊंघती रहीं वीवीआईपी कुर्सियां

5 वर्ष पहले
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उदयपुर. नाम रखा उदयपुर वर्ल्ड म्युजिक फेस्टीवल, लेकिन आयोजक पर्यटन विभाग और सहर संस्था ने शहरवासियों और देश-दुनिया से आए पर्यटकों को संगीत के बेहतरीन कलाकारों से दूर कर दिया। सुबह नौ बजे से 12 बजे तक जगमंदिर में होने वाले कार्यक्रमों को जनता और पर्यटकों से छुपाकर रखा गया।
ईलीट लोगों को बुलाया गया
रविवार को भी इसमें चुनीदा पावर ईलीट लोगों को बुलाया गया है। इस कार्यक्रम का जिक्र सिर्फ वीवीआईपी निमंत्रणों में है। फतेहसागर की पाल पर हुए कार्यक्रम में शहरवासी और देश-वि देश से आए पर्यटक परेशान होते रहे और वीवीआईपी लोगों के लिए आखिर तक कुर्सियां खाली रहींं । पर्यटन अधिकारी मौके से नदारद थे। लेकिन इंवेट डायरेक्टर संजीव भार्गव ने कहा, मुझे अनुभव नहीं था। मैं क्या करता? अब गलती हुई है, अगली बार सीख जाऊंगा। लोग प्यास से मर रहे थे और वाटर कूलर वीवीआईपी के पावर डोम में आ गया था, जिन्हें महंगी वाटर बॉटल्स दी जा रही थीं।
मेवाड़ के कलाकारों को नहीं मिला मान
वीवीआईपी कुर्सियां न राजस्थान की संगीत को जगह मिली और न मेवाड़ के कलाकारों को मिला मान म्युजिक वर्ल्ड फेस्टि वल में लोकल कलाकारों को जगह नहीं दी गई। न राजस्थानी संगीत को जगह मिली और न मेवाड़ के कलाका रों को मान-सम्मान मि ला। जेएलएफ में राजस्थानी कलाकारों को खूब शामिल किया जाता है। स्थानीय कलाकार पन्ना का रिया ने कहा, विदेशों से बुलाओ, लेकिन ऐसे मंच पर स्थानीय प्रतिभाओं को जगह न देना निराशाजनक है। स्थानीय गायक प्रेम भंडारी ने भी कहा, उदयपुर से भी वि श्व स्तर के कलाकार निकले हैं। ऐसे उत्सवों में कुछ को तो मौका मि लना चाहिए था ।
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