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मैडम, इस बजट में उदयपुर को चाहिए फिल्म-सिटी, मेवाड़वासियों की CM से मांग

5 वर्ष पहले
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उदयपुर. लेकसिटी को स्मार्ट सिटी बनाने की तैयारियां तो हो चुकी हैं, लेकिन लेकसिटी में फिल्म सिटी बनाने का सपना अभी भी अधूरा है। आने वाले बजट में मेवाड़ के लोगों की धड़कनें सुनने आईं मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से लोगों को उम्मीद है कि वे अगले बजट में हमें फिल्म सिटी जरूर देंगी। उदयपुर अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों का केंद्र है, लेकिन इसके बावजूद न तो मेवाड़ के राजनेता, न जिला प्रशासन और न ही पर्यटन विभाग के आला अफसर फिल्म सिटी की तरफ ध्यान दे रहे हैं।
फिल्म इंडस्ट्री के लोगों को नहीं बुलाया गया
जयपुर में 19-20 नवंबर को रिसर्जेंट राजस्थान में देश-विदेश के उद्योगपति निवेश के लिए बुलाए गए, लेकिन फिल्म इंडस्ट्री के लोगों को नहीं बुलाया गया। फिल्म इंडस्ट्री के बहुत से सितारे और निर्माता-निर्देशक झीलों की इस नगरी को फिल्मों की शूटिंग के लिए बहुत उपयोगी पाते हैं।
बॉलीवुड के लिए सबसे बड़ा केंद्र
प्रेम रतन धन पायो के निर्माता निर्देशक सूरज बड़जात्या कहते हैं, मुझे उदयपुर बहुत पसंद है। मैंने जब प्रेम रतन धन पायो फिल्म की शूटिंग के बारे में सोचा तो मेरा सबसे पहला खयाल उदयपुर के बारे में ही आया। मुझे लगा कि उदयपुर के भव्य महलों, खूबसूरत घाटियों और प्रेम दृश्यों को उभारने वाली झीलों के बिना इसकी शूटिंग नहीं हाे सकती। अगर यहां फिल्म सिटी हो तो वाकई में उदयपुर मुंबई के निकट पुणे के बाद बॉलीवुड के लिए सबसे बड़ा केंद्र हो सकता है। बॉलीवुड की 150 से ज्यादा फिल्में शूट हो चुकी हैं। सीरियल, ऐड्स और डॉक्यूमेंट्री जोड़ लें तो यह तादाद 500 से ज्यादा हो जाती है।
मनाेरंजन उद्योग का केंद्र
राजस्थान लाइन प्रोड्यूसर मुकेश माधवानी का तर्क है कि मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से फिल्म सिटी के लिए मांग कर रहे हैं। फिल्म सिटी बनने से उदयपुर पूरे देश के मनोरंजन उद्योग का केंद्र बन सकता है। तीन घंटे की एक फिल्म की शूटिंग के लिए तीन महीनों से लेकर तीन साल तक का समय लगता है। अगर उदयपुर में फिल्म सिटी हो जाए तो दो महीनों से लेकर दो साल तक का समय हमें मिल सकता है।
सरकार का कुछ भी खर्च नहीं
सरकार अगर उदयपुर में फिल्म सिटी को मंजूरी देती है और बाहर के इनवेस्टरों को सस्ती दरों पर जमीन दिला दे तो वे अपना स्टूडियो खोल सकते हैं। इससे सरकार का कुछ भी पैसा खर्च नहीं होगा और फिल्म इंडस्ट्री के लोग यहां अपने स्टूडियो बना सकेंगे। फ्लोर बन जाएंगे। रिकॉर्डिंग होने लगेगी। इससे स्थानीय लोगों को भी फिल्म इंडस्ट्रीज में काम करने का मौका मिलेगा।
फिल्म सिटी बन जाए तो यह सब होगा
उदयपुर में फिल्म सिटी बन जाएगी तो यहां के लोगों का बिजनेस बढ़ेगा। यहां के कलाकार आगे बढ़ेंगे। होटल इंडस्ट्री फले-फूलेगी। खाने-पीने का कारोबार करने वालों का काम बढ़ेगा। जैसे राखी का स्वयंवर, राहुल का स्वयंवर और मल्लिका शेरावत बेचलर इट इंडिया की शूटिंग उदयपुर के फतेहगढ़ में हुई। ये लोग तीन-तीन महीनों तक यहां रुके।
उदयपुर में ही फिल्म सिटी क्यों
लाइन प्रोड्यूसर अनिल मेहता का तर्क है कि उदयपुर मुंबई के सबसे करीब है। विमान सेवा, रेलवे और बस सेवा तक कनेक्टिविटी बेहतर है। यहां शूटिंग के लिए राजस्थान की सबसे बेहतरीन लोकेशन हैं। खूबसूरत झीलें हैं। फिल्म की शूटिंग के दौरान जयपुर, जोधपुर या अन्य प्रदेशों के अन्य शहरों की तरह व्यवधान नहीं हैं। लोग शांत माने जाते हैं। कानून और व्यवस्था बहुत बेहतर है। शूटिंग के लिए पैलेसेज में आना-जाना और रुकने के लिए बहुत अच्छी सुविधाएं हैं। यातायात बाधित नहीं होता है।
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