उदयपुर। वर्ल्ड म्यूजिक फेस्टिवल के दूसरे और अंतिम दिन फतहसागर पाल पर सूफियाना सरगम ने फासलों और सरहदों को संगीत के जरिए पाटने की कोशिश की। विभिन्न देशों के कलाकारों ने साथ मिलकर जुगलबंदी की। लोक संगीत पर वेस्टर्न रॉक के साथ सादगी से पेश किया गया। भारतीय कलाकारों ने जापान, सर्बिया, नीदरलैंड और ईरान के कलाकारों ने संस्कृतियों को साथ मिलाने का काम किया।
सूफी गायिका सोनम कालरा और प्रोजेक्ट ग्रुप ने सूफियाना रूह को लिबास के रूप में हिंदी, पंजाबी, फारसी और पर्शियन (ईरानी) को बदल-बदलकर सुरों की चादर से ओढ़ाने का काम किया। सोनम ने इक ओमकार से शुरू किए अपने साजों को अल्ला हू तक ले गईं। बुल्ले शाह के शब्दों को दोहराते हुए कालरा ने कहा कि बाबा बुल्ले शाह का कहना था, मेरा काबा-मेरा मंदिर मेरे दिल में बसता है। इसके बाद मोरक्को की सिंगर ऊम ने भी प्रस्तुति दी। फ्रांस और भारत की जुगलबंदी में मैथियास डूप्लेसी और मुख्तियार अली ने कव्वाली को अनोखे अंदाज में पेश किया।
शाम-ए- महफिल में बस एक ही आवाज- पेपॉन, पेपॉन
रेलवे ट्रेनिंग स्कूल में शाम को हुए कार्यक्रम में मशहूर सिंगर पेपॉन ने हर एक दर्शक को झूमने पर मजबूर कर दिया। क्या बच्चे क्या बूढ़े, पेपॉन के गानों पर लोग दीवाने हो गए। पेपॉन ने दर्शकों से अपने फोन की लाइट जलाने को कहा तो समा दिलकश हो उठा। पेपॉन ने ये मोह-मोह के धागे, तेरी उंगलियों से जा उलझे... , बर्फी फिल्म के ये हम तुम, चले टेढ़े-मेढ़े से रास्तों पर... सहित असम के लोक संगीत के कई गाने गाए। पेपॉन स्टेज से उतरकर नीचे भी आए, जहां युवाओं में सेल्फी लेने की होड़ लग गई। दर्शकों के उत्साह को देखते हुए पेपॉन ने कहा कि वह अगली बार लौटने की उम्मीद लिए यहां से जा रहे हैं। पेपॉन को इस साल सर्वश्रेष्ठ गायक का फिल्मफेयर पुरस्कार मिला है।
पाल पर झुमाया कव्वाली ने
फतहसागर पाल पर फ्रांस के मैथियास डुप्लेसी और भारत के मुख्तियार अली की सूफी कव्वाली ने संगीतप्रेमियों में जोश भर दिया। तालियों की गूंज के बीच मुख्तियार ने ‘मारू थारा देश में, निपजे तीन रतन..’ सुनाना शुरू किया तो लोग झूमने लगे। यह जुगलबंदी देखते ही बन रही थी।
यूरोप से लेकर अमेरिकी देशों के कलाकार जुटे
शहर संस्था, हिंदुस्तान जिंक और पर्यटन विभाग के साझे में हुए इस फेस्टीवल में देश-विदेश के कलाकारों ने शिरकत की। दो दिवसीय म्यूजिक फेस्टिवल में 12 देशों के कलाकारों को सुनने का मौका मिला। इसमें फ्रांस, स्पेन, घाना, वेनेजुएला, इटली, आइवरी कोस्ट भी शामिल हैं।
जगमंदिर में सीएम ने लिया संगीत का आनंद
मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने पीछोला झील की लहरों के बीच जगमंदिर में संगीत का आनंद लिया। राजे के मुख्य आतिथ्य में शास्त्रीय गायिका अरुणा साईराम और फ्रांस के डोमनिक वेलार्ड के कर्नाटक शैली के गायन और ओमने टेर्रम के ग्रेगेरियरन चांट्स के सुरीले संगम से हुई। कार्यक्रम में ऊं के उच्चारण और श्लोक के साथ ही ईसाई धर्म के मास साॅन्ग भी गाए गए।