उदयपुर. यूआईटी की अनदेखी के चलते बड़ी तालाब की पाल व यहां विकसित करवाए गए पार्क का सौंदर्य दिन ब दिन खराब होता जा रहा है। वसुंधरा सरकार के पिछले कार्यकाल में यूआईटी ने ढ़ाई करोड़ खर्च कर बड़ी तालाब की पाल का सौन्दर्यीकरण करवाया था। तत्कालीन यूआईटी चेयरमैन शिव किशोर सनाढ्य की पहल पर यह काम हुआ।
मकसद था कि बड़ी तालाब की पाल पयर्टन केंद्र के रूप में विकसित हो सके। उस समय यूआईटी ने पाल पर छतरियों का निर्माण करवाया था। आमजन की सुविधा के लिए पाल के पास पार्क भी विकसित किया था। यह काम होने से पाल का स्वरूप निखरने के साथ ही लोगों व पर्यटकों की आवक भी होने लगी थी।
बड़ी पाल के हालात का जायजा लेकर पर्यटकों के लिहाज से फिर से डवलप करने पर ध्यान दिया जाएगा। अगले एक दो दिन में ही इसका निरीक्षण करने मैं खुद मौके पर जाऊंगा।
रामनिवास मेहता, सचिव, यूआईटी
फोटो- बड़ी तालाब की पाल पर बने पार्क की दीवार का हिस्सा लंबे समय से क्षतिग्रस्त पड़ा है।