कानोड़/उदयपुर। सियासत के दो धुर विरोधी सिरे भाजपा और कांग्रेस उदयपुर के भींडर में आकर एक हो गए हैं। विधानसभा चुनाव के बाद से यहां का सियासी मौसम ऐसा बदला कि दोनों धीरे-धीरे करीब आने लगे। क्योंकि भाजपा बगावत से अपनी जमानत जब्त करवा चुकी थी तो कांग्रेस करारी हार झेल चुकी थी। कानोड़ नगरपालिका चुनाव में कांग्रेस के समर्थन से भाजपा के बोर्ड से ये नजदीकी गठबंधन में बदली।
शनिवार को भाजपा ने कांग्रेस का प्रधान बनवाया तो रविवार को कांग्रेस ने भाजपा का उप प्रधान बनवा दिया। पर्दे के पीछे की स्क्रिप्ट से अंदरखाने सब ठीक चलता रहा, लेकिन बाहरी तौर पर दलगत विरोध की परंपरा प्रतीकात्मक विरोध के रूप में भी दिखी।
वोटिंग से ठीक कांग्रेस ने कमल निशान पर आपत्ति कर सिंबोल बदलवा दिया तो कांग्रेस नेता गजेंद्रसिंह शक्तावत के फार्म हाउस पर अभिनंदन समारोह में बुलाए भाजपाइयों को भगवा दुपट्टे उतार कर अभिनंदन करवाने पर मजबूर होना पड़ा। अंतत: विधायक रणधीरसिंह भींडर की जनता सेना सबसे ज्यादा 12 मेंबर होने के बावजूद न प्रधान बनवा सकी न उप प्रधान।
भाणावत उप जिला प्रमुख, गिर्वा में प्रियंका, बड़गांव में उषा उप प्रधान
पंचायत चुनाव के अंतिम चरण में भाजपा के पूर्व देहात जिलाध्यक्ष सुंदरलाल भाणावत उप जिला प्रमुख चुन लिए गए। गिर्वा में प्रियंका जैन, बड़गांव में उषा डांगी सहित जिले में भाजपा के 12 उप प्रधान चुन लिए गए। उषा एमजी कॉलेज छात्रसंघ अध्यक्ष भी रह चुकी हैं। कांग्रेस के पास 6 प्रधान होने के बावजूद 5 ही उप प्रधान बने। उप जिला प्रमुख चुनाव में भाणावत ने कांग्रेस की मीना नागदा काे 12 वाेट से हराया। 43 सदस्यों में से 42 ने वोटिंग की। भाजपा को 27 व कांग्रेस को 15 वोट मिले।
चरण वंदन : शक्तावत से बोले कमलेश- सब आपका आशीर्वाद
रिस्क मैनेजमेंट | कानोड़ नगर पालिका चुनाव में भाजपा के 8 तो जनता सेना के 5 पार्षद बने। तब भाजपा ने बहुमत में होते हुए भी रिस्क मैनेजमेंट कर कांग्रेस के 2 पार्षदों का साथ लेकर अपना चेयरमैन बनवा लिया।
गिव एंड टेक | पंचायत चुनाव में जनता सेना ने सबसे ज्यादा 12 मेंबर जीतकर भाजपा को 2 मेंबर के साथ तीसरे पर धकेल दिया। इससे पहले भींडर में शनिवार को भाजपा के 2 मेंबर ने 11 मेंबर वाली कांग्रेस के साथ से प्रधान बना लिया।
नंबर गेम | शनिवार को कांग्रेस के 11 मेंबर ने समर्थन देकर भाजपा के कमलेश पोखरना को उप प्रधान बनवा दिया। पोखरना भाजपा नेता कटारिया के दूर के रिश्तेदार बताए जाते हैं।
सुबह 10 से शाम 5 बजे तक का सियासी ड्रामा
नामांकन | 10.30 बजे भाजपा के कमलेश पोखरना और 10.40 बजे जनता सेना के देवी लाल जाट ने नामांकन भरा।
सिंबोल | 11 बजे कांग्रेस सदस्यों ने भाजपा के ‘कमल’ पर वोट से मना किया तो गणपत ने सिंबोल बदलवाया।
वोटिंग | दोपहर 3.45 बजे तक वोटिंग, 4 बजे काउंटिंग। कमलेश को 13 व देवी लाल जाट को 12 वोट मिले।
अभिनंदन | भाजपा नेता भंवर भट्ट, हरि सिंह गौड़ के साथ उपप्रधान कमलेश पोखरना पुलिस सुरक्षा में गजेन्द्र सिंह शक्तावत के फार्म हाउस पहुंचे। यहां पोखरना ने शक्तावत के चरण छुए।
विरोध | वोटिंग के दौरान पंचायत समिति के बाहर जनता सेना के कार्यकर्ता गृहमंत्री गुलाब चन्द कटारिया और कमल-कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी करते रहे।