उदयपुर. मुख्यमंत्री निशुल्क जांच योजना के तहत सैंपल की जांच करने वाली एमबी अस्पताल की सीबीसी मशीन सोमवार को फिर खराब हो गई। आठ साल पुरानी मशीन के दो महीनों में चौथी बार खराब हो जाने से 400 सैंपल की जांच नहीं की जा सकी और सभी खराब हो गए। दूर दराज से आए मरीजों व परिजनों को मंगलवार को निजी लैब से जांच करवानी पड़ेगी।
कार्यवाहक प्राचार्य और पैथ लैब एचओडी डॉ. चंद्रा माथुर का कहना है कि पुरानी मशीन ठीक होने में दो दिन लगेंगे। बुधवार तक इंजीनियर आ जाएंगे। नई मशीनें चार-पांच दिन में शुरू करवा देंगे।
लापरवाही : 8 माह से रखी हैं दो नई मशीनें
आठ माह पहले चार लाख की लागत से दो नई थ्री पार्ट सीबीसी मशीनें पैथोलॉजी के हिमेटोलॉजी विभाग के लिए मंगवाई थी। एमबी प्रशासन इन मशीनों को उपयोग में नहीं ले रहा। इनके लिए संबंधित कंपनी से ही सॉल्यूशन मंगवाना है, जिसे अब तक नहीं मंगवाया गया। पुरानी मशीन कई बार गलत रिपोर्ट दे चुकी है। हिमोग्लोबिन, डब्ल्यूबीसी, प्लेटलेट्स आदि की रिपोर्ट मानक से कहीं ज्यादा आने लगी थी। रिपोर्टों पर टेक्नीशियनों को खुद भरोसा नहीं हो रहा था। रोजाना होने वाली 400 से ज्यादा जांचों के चलते मशीन बार-बार खराब हो जाती है।
अनदेखी
सॉल्यूशन आए तो हर जांच पर 40 रुपए बचत
पुरानी सीबीसी मशीन पर प्रति मरीज जांच के लिए सॉल्यूशन की कीमत करीब 50 से 60 रुपए आती है। नई मशीनों पर पर सॉल्यूशन की कीमत 20 रुपए ही आएगी। मौजूदा समय में पुरानी मशीन के सॉल्यूशन के 30 हजार रुपए लग जाते हैं। नई मशीन शुरू हो जाने पर सॉल्यूशन के लिए दस हजार रुपए ही लगेंगे।
फोटो- सेंट्रल लैब में काम नहीं आ रही हैं चार लाख की सीबीसी मशीनें।