उदयपुर. भींडर में भाजपा-कांग्रेस के गठबंधन से अपना प्रधान, उप प्रधान नहीं बना पाई जनता सेना के प्रमुख वल्लभनगर विधायक रणधीरसिंह भींडर ने भाजपा और गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया पर निशाना साधा। सोमवार को यहां प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि भाजपा-कांग्रेस की इस दोस्ती से कटारिया ने प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी के सिद्धांतों की होली जला दी।
मोदी ने देश काे कांग्रेस मुक्त बनाने का संकल्प लिया लेकिन कटारिया ने भाजपा को कांग्रेस युक्त बना दिया। भींडर ने बयानों के हमले की ताजा वजह भी बताई कि भींडर पंचायत समिति में जनता सेना को प्रधान बनाने से रोकने के लिए घिनौना षड्यंत्र रचा। इससे लोगों को हैरत हुई और समर्पित भाजपाइयों के मन को ठेस पहुंची।
मुझे भींडर का सर्टिफिकेट नहीं चाहिए : कटारिया
भींडर के आरोपों पर भास्कर ने गृहमंत्री गुलाब चंद कटारिया से बात की तो उन्होंने कहा कि मैं न किसी पर उल जुलूल आरोप लगाता हूं न फालतू अफवाहों की परवाह करता। पलटवार किया मैं 50 सालों से राजनीति में हूं व सार्वजनिक जीवन जी रहा हूं। मैं क्या करता हूं, कैसे रहता हूं ये बातें मेवाड़ की जनता जानती है। मुझे खुद को साबित करने के लिए रणधीर सिंह का सर्टिफिकेट नहीं चाहिए। मेरा रिपोर्ट कार्ड मेवाड़ की जनता जारी करेगी। भाजपा के पूर्व प्रदेश मंत्री प्रमोद सामर, विधायक फूलसिंह और देहात जिलाध्यक्ष तख्तसिंह शक्तावत ने भी आरोप नकारते हुए कहा कि भींडर झूठे आरोप लगा रहे हैं। भींडर मसले पर कटारिया से लेकर हममें से किसी का लेना-देना नहीं है।
द ग्रेट लोकल पॉलिटिकल थिएटर
बातें कई लेकिन निशाना कटारिया पर ही
भाजपा-कांग्रेस गठबंधन
भाजपा के दोनों पंचायत समिति सदस्यों को अपने सहयोगी प्रमोद सामर, तख्तसिंह शक्तावत के साथ कांग्रेस के पूर्व विधायक गजेंद्र सिंह शक्तावत के पोलो ग्राउंड स्थित निवास भेजा। शक्तावत वोट डलवाने भींडर लाए। हमने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया।
10 साल से मिलीभगत
2005 में भाजपा के समर्थन से कांग्रेस के केवल चंद लबाना को जिला प्रमुख बनवाया। पूर्व केंद्रीय मंत्री डाॅ. सीपी जोशी के करीबी स्वयं भू शर्मा की पत्नी गीता शर्मा काे प्रधान बनवाया था, लेकिन काेई भाजपा के साथ नहीं आया।
जमीनों के धंधे में लिप्त रहे
पार्षदों, अधिकारियों को बेईमान कहने वाले कटारिया खुद जमीनों के धंधों में लिप्त रह चुके हैं। दो लोगों का नाम लेकर कहा इनके साथ धंधा कर चुके हैं। साले, दामाद व समधियों के आज भी यही काम हैं।
इन नेताओं के भी दुश्मन
भींडर बोले किरण माहेश्वरी, तारा चंद जैन, मांगी लाल जोशी व मदन लाल मूंदड़ा, पूर्व सभापति युधिष्ठिर कुमावत व रवीन्द्र श्रीमाली, अनिल सिंघल, दिनेश माली, धर्मनारायण जोशी आदि के।
चेतावनी भी दी
ग्राम सेवक की एक्सीडेंट में हत्या का आरोप लगवाया। आप गृहमंत्री हैं मैं दोषी
हूं तो जेल में डलवा दीजिए।
सुलह भी चाही थी
मैं कटारिया की इज्जत करता हूं। रिश्ते बिगड़े तो सुलह की कोशिश की थी। तीन बार मिला भी था।
सियासी ड्रामा और मायने
भाजपा - अब गणपत मेनारिया के हाथ कमान है। पार्टी हर कीमत पर जनता सेना को दूर रखना चाहती है।
जनता सेना - भाजपा-कांग्रेस गठबंधन का मसला उठाकर कटारिया को विवादों में लाते हुए संदेश हाईकमान तक पहुंचाना।
कांग्रेस - दोनों की लड़ाई में अपना हित साध रही। टकराव का फायदा उठाकर भींडर में प्रधान बना लिया।
टकराव का अतीत
वैसे तो विधानसभा चुनाव से टकराव बढ़ा लेकिन भींडर कहते हैं वल्लभनगर में कांग्रेस के पूर्व गृहमंत्री गुलाबसिंह शक्तावत का दबदबा खत्म करने पूर्व मुख्यमंत्री भैरोंसिंह शेखावत मुझे राजनीति में लाए। पहले चुनाव में पुष्पराज मेहता को खड़ा कर मुझे हरवा दिया था। दूसरी में विधायक बना तो ग्राम सेवक की हत्या का आरोप लगाया।
> कांग्रेस से आए गणपत मेनारिया को टिकट मिला तो भींडर ने बगावत की और भाजपा की जमानत जब्त करवाई।
> जनता सेना ने कानोड़ नगरपालिका चुनाव भी लड़ा। तब भाजपा ने कांग्रेस की मदद से अपना बोर्ड बना लिया था।
> पंचायत चुनाव भी लड़ा और सबसे ज्यादा मेंबर जीते, लेकिन भाजपा-कांग्रेस ने प्रधान-उप प्रधान बनाकर सत्ता से दूर किया।