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सीआईडी पता करेगी मुठभेड़ असली थी या...

9 वर्ष पहले
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उदयपुर. पांच महीने पहले डबोक थाना क्षेत्र में हुए एनकाउंटर की जांच सीआईडी की अपराध शाखा (सीबी) करेगी। मुठभेड़ में एक अपराधी की मौत हो गई थी। मानवाधिकार आयोग की सिफारिश पर पुलिस मुख्यालय ने जांच सौंपी है।
सूत्रों के अनुसार सीआईडी-सीबी ने जांच शुरू कर दी है। इसके तहत मुठभेड़ की असलियत की जांच की जाएगी। इसके अलावा यह भी पता करेगी कि आखिर ऐसे क्या हालात रहे कि पुलिस को आरोपियों पर गोली चलाने की जरूरत पड़ी। इस मामले में ढेलाणा (ऋषभदेव) निवासी राजिया उर्फ राजकुमार पुत्र शंकरलाल मीणा और अन्य आरोपी राजा की गिरफ्तारी व बयान बाकी है।
जांच में इन आरोपियों के बयान काफी अहमियत रखेंगे। जांच अधिकारी आरोपियों सहित मुठभेड़ के दौरान मौजूद पुलिस अधिकारी व पुलिस कर्मियों से भी पूछताछ करेंगे।
यह है मामला
पिछले साल 11 सितम्बर की रात डेढ़ बजे के आसपास डबोक थाना क्षेत्र में रोशिया घाटी के पास स्थित सांवरिया ढाबे के पीछे पुलिस मुठभेड़ हुई थी। इसमें हिस्ट्रीशीटर पहाड़ा निवासी अरविंद पुत्र रूपा मीणा की मौत हो गई थी। जांघ में गोली लगने के बाद अरविंद का काफी खून बह गया था। एसआई लच्छीराम और कांस्टेबल महेन्द्र सिंह यादव भी गोली लगने से गंभीर घायल हो गए थे।
आरोपी राजकुमार उर्फ राजिया पुत्र शंकरलाल व अन्य एक फरार हो गया था। ऋषभदेव थाना पुलिस ने 25 अक्टूबर को राजिया को आर्म्स एक्ट के तहत गिरफ्तार किया था। तब से वह जेल में है, जबकि दूसरा आरोपी अभी भी फरार है।
मामले की जांच सीआईडी क्राइम ब्रांच की ओर से की जा रही है। इसमें एक आरोपी फरार है, जबकि दूसरा राजू उर्फ राजिया ऋषभदेव थाना पुलिस द्वारा शराब तस्करी के मामले में गिरफ्तार किया जा चुका है। डबोक पुलिस मुठभेड़ के मामले में इसकी गिरफ्तारी सीआईडी सीबी करेगी।
हरिप्रसाद शर्मा, पुलिस अधीक्षक