उदयपुर. देबारी में ग्रेड सेपरेटर के लिए अवाप्त होने वाली 300 बीघा जमीन का 72 कराेड़ रुपए मुआवजा बैंक में पड़ा है। इसके 200 खातेदारों को प्रशासन चार महीने से सरकार के कार्यक्रम में व्यस्त होने के कारण वितरण शुरू नहीं करा पाया है। जानकारी के अनुसार नेशनल हाईवे 76, नेशनल हाईवे 8 तथा सिक्स लेन बायपास के ट्रैफिक डायवर्जन के लिए देबारी में 75 हेक्टेयर यानी 300 बीघा भूमि अवाप्ति के आदेश 2011 में हुए थे।
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के लिए 2011 से पूर्व नोटिफिकेशन जारी कर एसडीएम गिर्वा ने भूमि अधिग्रहण की कार्यवाही की थी। अवाप्ति वर्ष की डीएलसी रेट से तय हुआ मुआवजा 72 करोड़ रुपए करीब अब चार महीने पहले प्रशासन के खाते में जमा हुआ है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार अगस्त में राज्य स्तरीय स्वाधीनता दिवस समारोह तथा सरकार आपके द्वार अभियान में प्रशासन व्यस्त होने से राजस्व अधिकारी व कर्मचारी अवार्ड जारी करने की कार्यवाही नहीं कर सके। अब प्रशासन ने चैक जारी करने की कार्यवाही शुरू की है।
खातेदार करने लगे आपत्ति
जमीनों के अवार्ड जारी होने में तीन साल लेट होने के कारण अब खातेदार वर्तमान डीएलसी की मांग करने लगे हैं। वर्तमान में जारी हुआ मुआवजा का एस्टीमेट दिसंबर 2013 में जिला प्रशासन ने प्राधिकरण को भिजवाया था। इसके लिए खातेदारों ने 16 अगस्त को देबारी पंचायत कार्यालय में जन सुनवाई के दौरान प्रमुख शासन सचिव अशोक संपतराम से भी मांग की थी।
जल्दी दिए जाएंगे अवार्ड
ग्रेड सेपरेटर के लिए अवाप्त जमीनों के अवार्ड की डीएलसी रेट बदलना मेरे अधिकार में नहीं है। राज्य सरकार व राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने जो रेट तय की है उसके अनुसार मुआव जा राशि के अवार्ड जारी करने की कार्यवाही चल रही है। शीध्र ही अवार्ड राशि खातेदारों के बैंक खातों में जमा करा दी जाएगी। -मनवीर सिंह अत्री, अतिरिक्त कलेक्टर प्रशासन