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वीर ने मारी लात और बन गया बड़ा तालाब, महाभारत काल में हुआ था निर्माण!

7 वर्ष पहले
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(फोटो- राजस्थान में पहाड़ पर 700 एकड़ में फैला चित्तौड़गढ किला।)
Note:- 11 दिसंबर, गुरुवार को इंटरनेशनल माउंटेन डे है। इस अवसर पर हम आपको उन हैरिटेज के बारे में बता रहे हैं जो पहाडों पर बसे हैं और आज भी लोगों के लिए पसंदीदा जगह बने हुए हैं।
उदयपुर. पूरी दुनिया को अपनी ओर आकर्षित करने वाला राजस्थान खुद में कई रोचक तथ्य छुपाए हुए है। यहां पर बने किलों का इतिहास हजारों साल पुराना है। माना जाता है कि महाभारत के पात्र भीम ने यहां करीब 5000 वर्ष पूर्व एक किले का निर्माण करवाया था। उसका नाम था 'चित्तौड़गढ़ का किला'। समुद्र तल से 1338 फीट ऊंचाई पर स्थित 500 फीट ऊंची एक विशाल आकार में, पहाड़ी पर निर्मित यह किला लगभग 3 मील लंबा और आधे मील तक चौड़ा है।

चित्तौड़गढ़ का किला भारत के सभी किलों में सबसे बड़ा माना जाता है। यह 700 एकड़ में फैला हुआ है। माना जाता है कि पांडव के दूसरे भाई भीम जब संपत्ति की खोज में निकले तो रास्ते में उनकी एक योगी से मुलाकात हुई। उस योगी से भीम ने पारस पत्थर मांगा। इसके बदले में योगी ने एक ऐसे किले की मांग की जिसका निर्माण रातों-रात हुआ हो।

भीम ने अपने बल और भाइयों की सहायता से किले का काम लगभग समाप्त कर ही दिया था, सिर्फ थोड़ा-सा कार्य शेष था। इतना देख योगी के मन में कपट उत्पन्न हो गया। उसने जल्दी सवेरा करने के लिए यति से मुर्गे की आवाज में बांग देने को कहा। जिससे भीम सवेरा समझकर निर्माण कार्य बंद कर दे और उसे पारस पत्थर नहीं देना पड़े। मुर्गे की बांग सुनते ही भीम को क्रोध आया और उसने क्रोध से अपनी एक लात जमीन पर दे मारी। जहां भीम ने लात मारी वहां एक बड़ा सा जलाशय बन गया। आज इसे 'भीमलात' के नाम से जाना जाता है।

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