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डाउनलोड करेंउदयपुर. जल ग्रहण परियोजना के सफल क्रियान्वयन में चार वर्ष से लगातार राज्य में प्रथम रहा उदयपुर जिला इस वर्ष तीसरे पायदान पर आ पहुंचा है, जबकि यह क्षेत्र पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास मंत्री गुलाब चन्द कटारिया का है। ऐसे में जिला परिषद सीईओ अबरार अहमद ने सख्ती दिखाते हुए सभी इंजीनियरों को फील्ड में रहकर काम करने के निर्देश दिए हैं।
मंगलवार को जिला जल ग्रहण परियोजना की समीक्षा की बैठक में सीईओ ने कहा कि जिले को पुन: प्रथम स्थान पर लाने के लिए हर संभव प्रयास करने होंगे। सभी सदस्य राजीव गांधी सेवा केंद्रों पर समय दें और अपने क्षेत्र में प्रगति से कार्य करें। मुख्यालय से आए जलग्रहण विकास व भू-संरक्षण विभाग के अतिरिक्त निदेशक डी.के. यादव ने कहा कि इंजीनियर मौके पर जाकर काम का निरीक्षण करेंगे, तभी अच्छे परिणाम दिखेंगे।
ज्यादा काम कराएं, उपलब्ध बजट खर्च करें : जलग्रहण विकास एवं भू-संरक्षण विभाग के अधीक्षण अभियंता मदन छाजेड़ ने सहायक व कनिष्ठ अभियंताओं को कहा कि जल ग्रहण परियोजना के लिए बचा हुआ करीब दो करोड़ रुपए का बजट मार्च से पहले व्यय करना होगा। इसके लिए ज्यादा से ज्यादा काम करें। उन्होंने नालों में चैक डेम व छोटे एनिकट बनाकर पानी संग्रहण के निर्देश दिए, ताकि फलदार पौधों में इसका उपयोग किया जा सकें। बैठक में सलूंबर अधिशाषी अभियंता सुशील जैन, जल ग्रहण विकास दल सदस्य, सभी तहसीलों के एईएन व जेईएन मौजूद थे।
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