उदयपुर. ईमेल और
मोबाइल मैसेजिंग में आ रहे लुभावने ऑफर से लोग ठगी के शिकार हो रहे हैं। ये ऑफर इंश्योरेंस पॉलिसी, योजनाओं पर मिल रहे हैं। एटीएम कार्ड ब्लॉक होने की हिदायत देकर तो नौकरी का नियुक्ति पत्र देकर ठगी की जा रही है। सभी में ठग ऑनलाइन पैसा निकाल रहे या परचेजिंग कर रहे हैं।
शहर में साइबर क्राइम का गिरोह सक्रिय है। ये शातिर ठग आरबीआई या सरकारी एजेंसी का लोगो कॉपी कर नियुक्ति पत्र और बैंक का ऑफर दे रहा है। ईमेल, मोबाइल मैसेजिंग के बाद अब घर के पते पर भी पत्र व्यवहार होने लगा है। इनके बहकावे में आकर बताए खाते में रुपए जमा कराने या पासवर्ड बताने वाले करीब 20 लोग ठगी के शिकार हो चुके हैं और अब पुलिस ऐसे मामलों की जांच में जुटी हैं।
केस 1 - सेक्टर 9 निवासी महिला के खाते से 17 हजार 975 रुपए निकालने की एफआईआर हिरण मगरी थाने में दर्ज कराई है। ठगों ने फोन कर एटीएम ब्लॉक होना बताकर लिए थे पासवर्ड।
केस 2 - बेदला निवासी सुनील सिंह के बैंक खाते से 21 हजार 500 रुपए निकाल लिए गए। आरोपी ने क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने के बहाने पासवर्ड पूछकर ऑनलाइन रुपए निकाल लिए।
ऐसे फोन आएं तो ये रखें सावधान
बैंक से बोल रहे हैं... पासवर्ड बताएं
बैंक एटीएम कार्ड ब्लॉक होने या क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने के लिए बैंक कर्मचारी बनकर खाते की जानकारी और पासवर्ड लेते हैं। जानकारी भेजते ही ठग रुपए ऑनलाइन अपने खाते में ट्रांसफर या शॉपिंग कर लेते हैं।
अापके नाम लाॅटरी निकली है
ईमेल पर विश्व बैंक या अन्य एजेंसी की लॉटरी में 850 या इससे अधिक यूएस डॉलर खुलने की जानकारी दी जाती है। इस राशि को खाते में ट्रांसफर करने के लिए बताए खाते में रुपए लिए जाते हैं।
आपका इंश्योरेंस करवाया है
ईमेल और फोन से ठग बैंक इंश्योरेंस कराता है। एक खाता बताकर उसमें किश्तें जमा कराता रहता है। इसके बदले पॉलिसी नंबर भी देते हंै। बाद में पता चलता है सबकुछ फर्जी था। ऐसे अाप ठगी के शिकार होते है।
इंटरव्यू में चयन हुआ है
विज्ञापन के जरिए नौकरी के लिए आवेदन लेकर केंद्र सरकार की योजना में नियुक्ति पत्र दिया जाता है। इंटरव्यू के लिए रुपए की मांग कर रुपए जमा कराते हैं और फोन नंबर बंद हो जाता है।
ऐसे लेते हैं विश्वास में
शातिर साइबर ठग कई प्रकार की मेल आईडी उपयोग में ले रहे हैं। लोगों को विश्वास में लेने के लिए मेल में बैंक का नाम और ऑफर में बैंक की छाप व लेटरहैड तक शामिल कर रहे हैं। पिछले दिनों आए धोखाधड़ी मामलों में fundrelease_2014@hotmail.com, fundrelease157@mail.bg से ठगी हुई है।
पुलिस को सूचना दें
लुभावने ईमेल/मैसेज आने पर इनके झांसे में नहीं आएं, ना ही किसी को अपनी या बैंक खाते की जानकारी दें। भारतीय रिजर्व बैंक या अन्य किसी भी बैंक द्वारा ऐसे ईमेल/मैसेज या फोन नहीं किए जाते हैं। ठग ऐसे ईमेल/मैसेज और फोन के जरिए लोगों के साथ ठगी कर रहे हैं। इनके झांसे में आने के बजाए ऐसे ईमेल या फोन आने पर पुलिस को सूचित करें।अजयपाल लांबा, एसपी