उदयपुर. 28 दिन पहले एमबी अस्पताल का दौरा कर अव्यवस्थाओं पर निर्देश दे चुके चिकित्सा मंत्री राजेंद्र राठौड़ रविवार को फिर उदयपुर आए तो अधिकारियों से सवाल किया। सवाल था कि सफाई व्यवस्था और मेरे निर्देशों पर क्या हुआ। अफसरों ने दावे कर दिए सबकुछ ठीक है। भास्कर ने रविवार को ही अस्पताल जाकर पड़ताल की तो वही गंदगी और अव्यवस्थाएं थीं। मंत्री राठौड़ रविवार को राजकीय आयुर्वेद कॉलेज में बैठक लेने आए थे। यहां एमबी हास्पिटल अधीक्षक डॉ. डी.पी. सिंह, आरएनटी मेडिकल कॉलेज के कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. चन्द्रा माथुर और डॉ. शलभ शर्मा भी मौजूद थे।
मंत्री ने पहला सवाल किया, अस्पताल में सफाई कैसी है
मंत्री : एमबी अस्पताल की सफाई व्यवस्था कैसी है।
डॉ. शलभ शर्मा : सर, बहुत बढ़िया है। प्रत्येक हॉस्पिटल को सेक्टर्स में डिवाइड किया है जिसमें सफाई की जिम्मेदारी प्रति सेक्टर एक-एक सीनियर डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ को दी है।
मंत्री : और स्टाफ की कमी पूरी हुई या नहीं।
डॉ. शर्मा : सर, इसके लिए अनुमति नहीं मिली।
मंत्री : तो अस्थाई भर्ती करनी चाहिए थी, आप कुछ कर रही नहीं रहे हो। मुझे तुरंत इसका प्रपोजल भेजो।
कैथ लैब का प्रस्ताव लेकर जयपुर आओ
कार्डियोलॉजी विभाग में छह महीने से बंद पड़ी कैथ लैब मशीन पर राठौड़ ने इसका फ्रेश प्रपोजल बनाकर अधिकारियों को जयपुर बुलाया है। अधिकारियों ने बताया कि 14 साल पुरानी यह मशीन खराब हो चुकी है। इसके पाट्र्स भी उपलब्ध नहीं हैं। नवंबर 2013 में बजट फाइनेंस कमेटी ने कैथ लैब के लिए 3.50 करोड़ रुपए का प्रस्ताव भेजा था, लेकिन अब तक बजट नहीं मिला है।
अस्थाई नियुक्तियां देकर लाभ क्यों नहीं दिया
एमबी अस्पताल में सीनियर डेमोस्ट्रेटर, असिस्टेंट पद लंबे समय से रिक्त होने पर मंत्री ने अस्थाई नियुक्ति प्रक्रिया भी शुरू नहीं करने पर एमबी अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी जताई। उन्हाेंने कहा कि अस्थाई नियुक्तियां कर सुविधा उपलब्ध करवाई जानी चाहिए थी। मंत्री ने रिक्त पद, उनकी संख्या आदि का प्रस्ताव मांगा है।
तब भी गंदगी थी अब भी वैसी स्थिति
एमबी हास्पिटल के बर्न वार्ड के दीवार, इमरजेंसी की दीवार तथा नेफ्रोलॉजी विभाग के सामने की दीवार सहित सीढ़ियों तक पीक से गंदी थी। जनाना के लेबर रूम के मुख्य गेट पर बनी टंकी से दो दिन से पानी बह रहा है इससे रास्ते में पानी भर जाता है।
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