फोटो- अम्बामाता रोड स्थित आयुवेदिक कॉलेज में निरीक्षण करते आयुवेद के प्रमुख शासन सचिव ।
उदयपुर. एनआरएचएम की तर्ज पर आयुर्वेद, युनानी, नेचुरोपैथी विभाग के लिए नेशनल आयुष मिशन जल्द लागू होना है। इसमें राजस्थान के लिए 24 करोड़ रुपयों का प्रावधान है। यह हिस्सा बजट का 25 फीसदी है। शेष 75 फीसदी बजट केंद्रीय सरकार से मिलेगा। इसके तहत राज्य भर के आयुष चिकित्सालयों में प्राथमिकता से दवाइयों की कमी को पूरा किया जाएगा।
यह जानकारी आयुर्वेद चिकित्सा महकमे के प्रिंसिपल सेक्रेटरी प्रीतम सिंह ने मंगलवार को भास्कर को दी। वे उदयपुर में होने वाले राज्य स्तरीय आयुर्वेद मेले की तैयारियों पर बैठक लेने आए थे। सिंह ने कहा कि अगले चरण में रसायन शालाओं व चिकित्सालयों में संसाधनों की पूर्ति की जाएगी।
प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है, जिसे अगले साल जनवरी तक लागू किए जाने की संभावना है। बैठक में यूनानी चिकित्सा निदेशक डॉ.सैयद नजम, होम्योपेथी चिकित्सा निदेशक डॉ. मोहनसिंह शेखावत, अनुज्ञापन अधिकारी डॉ. महेश दीक्षित, डॉ. प्रमोद शर्मा, डॉ.शोभालाल औदीच्य, डॉ.मीरा भट्ट सहित संभाग के विभिन्न जिलाधिकारी, उपनिदेशक मनोहरलाल धाकड़ मौजूद थे।
पुत्र जीवक नहीं, संतान जीवक कहो
आयुर्वेद कॉलेज में नक्षत्र गार्डन के निरीक्षण के दौरान औषधीय पेड़ों की जानकारी देते समय पुत्र जीवक पेड़ के बारे में जानकारी दी गई तो सिंह ने नाराजगी जताते हुए कहा कि पुत्र हो या पुत्री एक ही बात है। इस पेड़ को संतान जीवक कहा जाए। रंगनिवास स्थित रसायनशाला में स्टोर रूम सहित अन्य कमरों पर ताले लगे देख सिंह ने कहा कि आज तो ताले खोल देते। इससे पहले मदन मोहन मालवीय आयुर्वेद कॉलेज, सिंधी बाजार व माेती चाेहट्टा स्थित आयुर्वेद चिकित्सालय का दौरा किया।
जनवरी में भरेंगे 26 पद: दिसंबर अंत या जनवरी शुरुआत में आयुर्वेद कॉलेज में खाली पड़े 26 प्रोफेसर्स व असिस्टेंट प्रोफेसर्स के पद भर दिए जाएंगे। आरपीएससी की प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है। कॉलेज में आवेदकों के इंटरव्यू चल रहे हैं। अंतिम दौर एक दाे दिन में पूरा कर लिया जाएगा। व्याख्याताओं के लिए स्थानीय स्टाफ की स्क्रीनिंग चल रही है। जनवरी तक सभी पदों पर भर्ती हो जाएगी।
आरोग्य मेला 26 से, प्रदेश के विशेषज्ञ जुटेंगे
फतह स्कूल में 26 से 29 दिसंबर तक आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय आरोग्य मेले में राज्यभर की औषध निर्मात्री कंपनियां, योग विशेषज्ञ, शोधार्थियों का समागम होगा। आयुर्वेद प्रमुख शासन सचिव प्रीतम सिंह ने मंगलवार को मदन मोहन मालवीय आयुर्वेद महाविद्यालय सभागार में समीक्षा बैठक में समिति प्रभारियों से चर्चा की। नोडल अधिकारी प्रो. इंदौरिया व आरोग्य मेला समन्वयक एवं विशेषाधिकारी डॉ.मनोहर पारीक ने रूपरेखा प्रस्तुत की। मेला स्थल पर 12 सत्र में विशेषज्ञों की चर्चा और औषधीय पादपों की जानकारी एवं प्रदर्शनी लगेगी।