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बजट होटल का निर्माण अधूरा छोड़ रेलवे का बजट बिगाड़ा

8 वर्ष पहले
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उदयपुर. सिटी स्टेशन के बाहर चार करोड़ रुपए लगा कर बजट होटल का काम अधूरा छोड़ दिया गया है। इसका भवन बाहर से सजा-संवरा है जबकि अंदर की दीवारें बदहाल होती जा रही हैं। मल्टी फंक्शनल होटल की निर्माण इकाई ने दो वर्ष में पांच मंजिला भवन बना कर खड़ा कर दिया। भवन को महल जैसा स्वरूप देने के लिए उस पर छतरियां व झरोखे बनाए गए। कांच भी लगाए। भीतर की हालत 2011 से खंडहर बनी हुई है। ईंट की दीवारों पर सीमेंट का पलस्तर, घुटाई, फिनिशिंग आदि कार्य नहीं हुए हैं। द्वार पर चौखट, दरवाजे तक नहीं हैं।

हमें कोई जानकारी नहीं
॥मल्टी फंक्शनल काम्पलेक्स अधूरा है। इससे संबंधित कोई जानकारी स्थानीय अधिकारियों को नहीं है। आगे क्या होगा, कौनसी कंपनी कब तक इंटीरियर कार्य पूरे करेगी इसके बारे में कहने के लिए मैं अधिकृत नहीं हूं।
हरफूल सिंह चौधरी, एरिया मैनेजर

जोनल अधिकारियों को भी नहीं काम पूरा करने का हक
रेलवे के लैंड रिसर्च डवलपमेंट विभाग के देखरेख में निजी कंपनी इरकॉन लिमिटेड ने देश के 21 रेलवे स्टेशनों पर बजट होटल कम मल्टी फंक्शनल काम्पलेक्स बनाने का ठेका लिया था। शर्त के मुताबिक सभी स्टेशनों पर 5 हजार वर्ग फीट जमीनें रेलवे को उपलब्ध करानी थी। इरकॉन कंपनी ने 2011 में अपना काम पूरा कर दिया था। योजना के तहत भवन का अंदरूनी विकास उस कंपनी को कराना है जो होटल व काम्पलेक्स का संचालन भी करेगी। भवन का बाहरी ढांचा खड़ा कर इरकॉन के अधिकारी चले गए। अधूरा काम पूरा कराने का अधिकार रेलवे के अजमेर मंडल या जयपुर स्थित जोनल अधिकारियों को भी नहीं दिया गया है।

योजना और मकसद
रेलवे के लैंड रिसर्च एंड डवलपमेंट विभाग ने 2008 में देश के 21 प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर बजट होटल की योजना बनाई थी। राजस्थान में उदयपुर और बीकानेर स्टेशन चुने गए थे। बजट होटल के भवन बना कर संचालन के लिए ठेके पर देने थे। उदयपुर सिटी स्टेशन के बाहर आरक्षण कार्यालय के सामने स्थित पार्क उजाड़ कर 5 हजार वर्ग फीट जमीन पर बजट होटल का निर्माण शुरू किया गया। रेल प्रबंधन ने बाद में इसे बजट होटल कम मल्टी फंक्शनल कॉम्पलेक्स नाम दिया। यात्रियों के ठहरने के लिए कमरे, रेस्टोरेंट्स, आउटलेट्स, शो रूम, पार्लर खोलने थे।

रेल यात्रियों को होता लाभ
मल्टी फंक्शनल काम्पलेक्स बनने से रेलों से आने वाले पर्यटक लाभांवित होंगे।बाजार में होटलों की टैरिफ से काफी सस्ती दर पर एसी या नॉन एसी कमरे मिलेंगे। रेलवे के हैल्थ ऑफिसर्स की देखरेख में गुणवत्ता युक्त भोजन बाजार से सस्ती दर पर मिलेगा।