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डाउनलोड करेंउदयपुर. केंद्रीय आवास एवं शहरी गरीबी उपशमन मंत्री डॉ. गिरिजा व्यास ने कहा कि उदयपुर में जल्दी ही तकनीकी संस्थान की स्थापना होगी। इसमें मार्बल स्लरी को लेकर देश के शोध संस्थानों की रिसर्च को एक ही स्थान पर प्रदर्शित करने के साथ संबंधित तकनीकी जानकारियां उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे नए उद्यमियों को स्लरी आधारित प्रोजेक्ट लगाने में मदद मिलेगी।
डॉ. व्यास शनिवार को उदयपुर चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री व निर्माण सामग्री एवं प्रौद्योगिकी संवद्र्धन परिषद के साझे में आवास और भवन निर्माण में मार्बल अपशिष्ट की उपयोगिता पर मंथन कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि देश में सबसे ज्यादा मार्बल राजस्थान में है और उदयपुर को भी लेकसिटी के बाद मार्बल नगरी के रूप में पहचाना जाता है। यहां मार्बल स्लरी का उपयोग नहीं हो पा रहा है।
प्रदेश में खनिज अपशिष्ट, मार्बल रॉक अपशिष्ट, मार्बल स्लरी पर्यावरण समस्या भी बनी हुई है। डॉ. व्यास ने कहा कि समस्याओं को ध्यान में रखते हुए बीएम टीपीसी (नई दिल्ली) आवास एवं भवन निर्माण में स्लरी की उपयोगिता पर काम कर रही है। डॉ. व्यास ने बताया कि परिषद व मंत्रालय उदयपुर संभाग में मार्बल स्लरी की ईंटों से वैकल्पिक निर्माण तकनीक के जरिए मॉडल घर तैयार करेगी। इसके तहत 24 मकानों का ब्लॉक तैयार किया जाएगा। जमीन प्रशासन उपलब्ध करवाएगा।
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