(ईडाणा माता माता मंदिर में स्थापित माता की मूर्ति।)
उदयपुर. कहते हैं कि जहां भक्ति की शक्ति हो वहां असंभव भी संभव हो जाता है। आंखों के सामने चमत्कार होते हैं। ऐसे चमत्कार जिन्हें आप देखकर पल भर में भगवान पर भी अचंभित रह जाएं। आज हम आपको एक ऐसी ही एक चमत्कारी माता मंदिर के बारे में बता रहे हैं। ये मंदिर उदयपुर शहर से 60 किमी दूर कुराबड़-बंबोरा मार्ग पर स्थित है। ईडाणा माता माता मंदिर में स्थापित मां ईडाणा स्वत: ही अग्नि स्नान करती हैं। ऐसा माना जाता है कि जब-जब देवी खुश होती हैं तो आग की लपटें उन्हें घेर लेती हैं। देखते ही देखते अगिन विकराल रूप धारण कर 10 से 20 फिट तक लपटें पहुंच जाती है मगर श्रृंगार के अतिरिक्त अन्य सामग्री को कोर्इ आंच तक नहीं आती है। भक्त इसे देवी का अग्नि स्नान कहते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि लकवा से ग्रसित रोगी मां के दरबार में आकर स्वस्थ हो जाते हैं।
(माता के अग्नि स्नान का वीडियो देखने के लिए यहां क्लिक करें) महाभारत काल में हुआ था इसका निर्माण
ऐसा माना जाता है कि इस मंदिर का निर्माण महाभारत काल में हुआ था। कई चमत्कारों को अपने अंदर समेटे हुए इस मंदिर में नवरात्र के दौरान भक्तों की भीड़ बहुत बढ़ जाती है। ईडाणा माता का अग्नि स्नान देखने के लिए हर साल भारी संख्या में भक्त यहां पहुंचते हैं। अग्नि स्नान की एक झलक पाने के लिए भक्त घंटों इंतजार करते हैं। ऐसा माना जाता है कि इसी समय देवी का आशीर्वाद भक्तों को प्राप्त होता है। पुराने समय में ईडाणा माता को स्थानीय राजा अपनी कुलदेवी के रुप में पूजते थे।
आगे की स्लाइड्स में पढ़ें माता की पूरी कहानी और साथ ही आखिरी स्लाइड में देखें माता कैसे करती हैं अग्नि स्नान