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डाउनलोड करेंउदयपुर. कोटा व उदयपुर के बीच इंटरसिटी चलाना दोनों शहरों की जरूरत बन गई है। मेवाड़ व हाड़ौती के लोगों ने रेलवे सलाहकार समिति की बैठक में इस बारे में आवाज उठाई है। यह ट्रेन चलाने की मांग रेलवे के जोन मुख्यालयों को भेजी जा चुकी है। अहम जरूरत इस बात की है कि रेल बजट पेश होने से पहले दोनों तरफ के जन प्रतिनिधियों को इसकी ठोस पैरवी करनी पड़ेगी।
उदयपुर सिटी स्टेशन सलाहकार समिति के सदस्य माया कुंभट, ओमप्रकाश तोषनीवाल, वीरेंद्र सिरोया, जसवंत गन्ना तथा जिनेंद्र शास्त्री कोटा तक इंटरसिटी चलाने के प्रस्ताव एरिया मैनेजर के जरिए अजमेर मंडल रेल प्रबंधक को भिजवा चुके हैं। पिछले रेल बजट से पूर्व मंडल प्रबंधक ने उदयपुर-कोटा इंटरसिटी की मांग से संबंधित दस्तावेज उत्तर पश्चिम रेलवे के जयपुर स्थित जोन मुख्यालय भिजवा दिए थे। पिछले बजट से पूर्व कोटा इंटरसिटी की घोषणा होने की उम्मीद थी। सांसद रघुवीर मीणा को भी इंटरसिटी चलने का आश्वासन मिला था।
कोटा मंडल रेल सलाहकार समिति ने जबलपुर स्थित वेस्ट सेंट्रल रेलवे के जोन मुख्यालय को उदयपुर तक इंटरसिटी चलाने का प्रस्ताव भेजा है। कोटा मंडल एवं जोन सलाहकार समिति के सदस्य हनुमान शर्मा, जगदीश शर्मा, सुधीर प्रधान व एस.एन.माथुर ने यह मांग की है।
इंटरसिटी का संचालन बहुत आसान
उदयपुर से कोटा वाया चित्तौड़ 300 किलोमीटर लंबे ट्रैक पर नियमित रूप से इंटरसिटी ट्रेन चलाने में रेलवे के परिसंचालन विभाग को कोई कठिनाई नहीं होगी। बिजनेस की दृष्टि से इस ट्रेन को पर्याप्त सवारियां, लगेज, पार्सल बुकिंग प्राप्त होगी। जयपुर इंटरसिटी 850 किलोमीटर चल कर 15 घंटे में वापस उदयपुर लौट आती है। कोटा आने जाने का रूट सिर्फ 600 किलोमीटर है।
रेल कनेक्टिविटी भी मिलेगी ....
कोटा जंक्शन स्टेशन रेलवे की दिल्ली-मुंबई ट्रंक लाइन पर स्थित है। कोटा से उज्जैन, भोपाल, इटारसी होकर दक्षिण के राज्यों में जाने की सीधी ट्रेनें मिलती हैं। उदयपुर कोटा के बीच इंटरसिटी चलने का उद्योगपतियों व अन्य लोगों को इसका फायदा मिलेगा।
कई जिलों को लाभ
इंटरसिटी चलने से उदयपुर, राजसमंद, चित्तौड़, भीलवाड़ा, बूंदी, कोटा, बारां, झालावाड़ जिलों से लोगों को आने जाने का सस्ता व आरामदायक परिवहन साधन मिलेगा। अभी उदयपुर से कोटा के बीच सिर्फ एक ट्रेन मेवाड़ एक्सप्रेस चलती है, जो दिल्ली के हजरत निजामुद्दीन स्टेशन तक जाती है। उदयपुर से दिल्ली जाने वाली मेवाड़ एक्सप्रेस रात 12 बजे कोटा पहुंचती हैं। उदयपुर-कोटा के बीच विमान सेवा उपलब्ध नहीं है।
छात्रों, अभिभावकों का आना जाना अधिक
कोटा के कोचिंग इंस्टीट्यूट्स में उदयपुर संभाग के हजारों छात्र-छात्राएं आईआईटी, इंजीनियरिंग, मेडिकल की कोचिंग ले रहे हैं। छात्रों तथा अभिभावकों का उदयपुर-कोटा के बीच आवागमन होता है। दोनों अंचलों के बीच सभी समाजों की रिश्तेदारियां हैं। कोटा राज्य का प्रमुख औद्योगिक शहर और उदयपुर पर्यटन नगर होने से व्यावसायिक तथा घूमने के मकसद से भी लोगों का आना-जाना होता है।
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