(श्रीनगर से सकुशल लौटने के बाद मोती मगरी स्कीम निवासी तेजपाल बामनिया और बलदेव सिंह जब परिवार से मिले तो उनकी आंखें भर आईं।)
उदयपुर. एयर इंडिया में यात्रियों की सुरक्षा के लिए तैनात उदयपुर निवासी दो सुरक्षा अधिकारी श्रीनगर में बाढ़ में 7 दिन घिरे रहने के बाद शनिवार को सुरक्षित घर पहुंचे। श्रीनगर की होटल की छत से उन्हें वायु सेना के हैलीकॉप्टर से लिफ्ट करके सुरक्षित निकाला था। एयर इंडिया में सिक्योरिटी अफसर पद पर तैनात बलदेव सिंह ढिल्लों तथा सहायक सिक्योरिटी अफसर तेजपाल बामनिया श्रीनगर में हज यात्रियों के दलों को रवाना कराने गए थे।
ढिल्लों को डल लेक के पास होटल शहंशाह में तथा बामनिया को सेंटूर होटल में ठहराया गया था। 6 सितंबर को सुबह उनकी होटलें चारों तरफ से बाढ़ के पानी में घिर गई थीं। बाहर निकलने के सभी रास्ते बंद हो गए थे।
मोबाइल टावर धराशायी हो जाने से टेलीफोन संपर्क कट गया था। ढिल्लों एक नाव से होटल सेंटूर में अपने साथी बामनिया के पास रहने पहुंचे। सेंटूर होटल में एयर इंडिया व कैग के 17 अधिकारी बाढ़ से कैद थे। हाेटल में जितना सामान खाने-पीने का था उसी से काम चलाया जा रहा था।
होटल की दो मंजिलें पानी में डूब जाने से सभी यात्रियों को चौथी मंजिल के कमरों में रखा गया था। इधर उदयपुर में ढिल्लों की पत्नी कुलवंत व पुत्री जसप्रीत ने एयर इंडिया के मुख्यालय तथा उदयपुर कलेक्टर से संपर्क किया। बामनिया के पुत्र जितेन्द्र और पत्नी गजवंती भी संपर्क करने के प्रयास में लगे रहे। दोनों अधिकारियोें से कोई संपर्क न होने से परिजनों में बेचैनी बढ़ती गई। 12 सितंबर को सुबह एयरफोर्स का हैलीकॉप्टर सेंटूर होटल के ऊपर स्थिर होकर उड़ान भरने लगा।
हैलीकॉप्टर से लोहे के वायर में बंधा झूला होटल की छत पर लटकाया गया। उसमें बांध एक-एक कर सभी 17 जनों को उपर छोड़ा गया। होटल से हैलीकाप्टर ने सभी को एयर फोर्स के टेक्निकल ब्लॉक में सुरक्षित उतारा जहां से उन्हें श्रीनगर के एयरपोर्ट पर पहुंचाया गया। श्रीनगर एयरपोर्ट पहुंचने के बाद ढिल्लों व बामनिया का अपने परिवार से फोन पर संपर्क हुआ। दोनों श्रीनगर से कंपनी की फ्लाइट से दिल्ली, फिर शनिवार को उदयपुर पहुंचे।
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