उदयपुर. गोवर्धन विलास थाना क्षेत्र के बलीचा गांव में बुधवार को ग्रामीणों ने प्रॉपर्टी डीलर कमल सिंह सिसोदिया को खंभे से बांध दिया। एक घंटे बाद पुलिस के आने पर ही आजाद हो सका। थानाधिकारी गणेशाराम ने बताया कि बलीचा निवासी नारू दोला ने सेक्टर 11 निवासी कमल सिंह सिसोदिया के खिलाफ जमीन पर अवैध कब्जा करने की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
जमीन पर नारू दोला और उसका परिवार काबिज है। इन्होंने जमीन कमल सिंह, प्रदीप सिंह को बेची थी, लेकिन इन दोनों ने नारू गमेती को पूरी राशि नहीं दी और धोखाधड़ी की। कमल सिंह ने भी बंधक बना मारपीट का मामला दर्ज कराया है।
एफआईआर दर्ज करवाई थी एफआर लग गई और क्या करते : ग्रामीणों ने बताया कि नारू ने 3 अगस्त को एफआईआर दर्ज कराई थी। जांच डीएसपी दिव्या मित्तल ने की और एफआर लगा दी थी। आरोपी धोखाधड़ी से जमीन हथिया लेता है ऐसा दो और लोगों के साथ भी कर चुका है। बुधवार सुबह आरोपी पक्ष का कमल सिंह सिसोदिया जमीन का कब्जा लेने और अन्य पार्टी को जमीन दिखाने के लिए आया तो नारू गमेती से कहासुनी हो गई।
यह था मामला- नारू पुत्र दौला सहित उसके पांच भाइयों की बलीचा में एक बीघा जमीन है। 65 लाख में सौदा तय हुआ। कमल सिंह ने देवाली, गोवर्धनविलास निवासी देवली पत्नी दीता गमेती के नाम से जमीन खरीदी। रजिस्ट्री के समय 12 लाख 80 हजार रुपए, 19 लाख 95 हजार के चेक दिए और 32 लाख 25 हजार की स्टाम्प पर लिखा-पढ़ी कराई लेकिन स्टाम्प नहीं दिया। देवली से रुपए मांगे तो उसने कमल सिंह और प्रदीप का नाम लिया। चेक भी काम नहीं आए।