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फतहसागर में चलेंगे शिकारे शहरकोट का होगा संरक्षण

7 वर्ष पहले
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उदयपुर. नगर निगम आने वाले दिनों में फतहसागर में शिकारे भी उतारेगा। अभी यहां ठेकेदार के माध्यम से बोटिंग करवाई जा रही है। इसके अलावा सरकारी हेरिटेज संपत्तियों के संरक्षण का काम भी प्राथमिकता से होगा। निगम की विरासत संरक्षण समिति की बुधवार को हुई पहली बैठक में यह निर्णय लिया गया। अध्यक्ष भंवरसिंह देवड़ा ने बताया कि शहर में जितनी भी सरकारी हेरिटेज संपत्तियां हैं, उनके चरणबद्ध संरक्षण की कार्य योजना तैयार की जाएगी। फतहसागर में आमजन व सैलानियों के लिए शिकारे उतारे जाएंगे।

बैठक में प्राचीन बावडिय़ों के संरक्षण का निर्णय भी लिया गया। इसमें गुलाबबाग स्थित बावड़ी, तोरण बावड़ी व रेलवे ट्रेनिंग स्कूल में स्थित बावड़ी शामिल है। शहर कोट की मरम्मत करवा कर उसका संरक्षण भी करवाया जाएगा। शहर में भवन निर्माण की अनुमति के दौरान यह शर्त भी रखी जाए कि बाहरी स्वरूप हेरिटेज स्वरूप लिए हो। बैठक के बाद समिति ने जगदीश चौक में हेरिटेज संपदा का जायजा भी लिया। हेरिटेज सेल के प्रभारी मनीष अरोड़ा, समिति सदस्य मोहम्मद अयूब आदि मौजूद थे।

बैठक में ये निर्णय भी हुए

पटेल सर्कल का सौन्दर्यीकरण होगा, सरदार पटेल के प्रतिमा स्थल का स्वरूप निखारा जाएगा।

सलूंबर चौराहे को चौड़ा कर हाड़ी रानी की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। गोवर्धन विलास क्षेत्र में स्थित पुराना चुंगी नाका चौराहा पर भीलू राणा या काली बाई की प्रतिमा स्थापित की जाएगी।

गोवर्धन विलास स्थित एजन बाई के महल का होगा संरक्षण। यहां मिनी हाई मास्ट लाइट लगेगी।

भट्टियानी चौहट्टा स्थित प्राकृतिक चिकित्सालय भवन का संरक्षण करवाया जाएगा।