कोटड़ा (उदयपुर). कोटड़ा पंचायत समिति के बीडीओ बबलीराम जाट के खिलाफ सभी 31 ग्राम पंचायतों के सरपंच व सचिव लामबंद हो गए हैं। बुधवार सुबह नारेबाजी व ज्ञापन देने के बाद पंचायत समिति सभागार में टेंट लगाकर सभी धरने पर बैठ गए। सरपंच-सचिवों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक बीडीओ को हटा नहीं दिया जाता धरने से नहीं उठेंगे। राजीव गांधी केंद्रों पर तालाबंदी व काम का बहिष्कार करने की चेतावनी दे दी है। तहसीलदार रघुवीरप्रसाद शर्मा को दिए ज्ञापन में बीडीओ पर अवैध वसूली, मानसिक प्रताड़ना, दुर्व्यवहार जैसे आरोप लगाए गए हैं।
तहसीलदार, एसएचओ व उदयपुर से भेजे गए अधिशासी अधिकारी अनिल आचार्य ने समझाइश की कोशिश की, लेकिन सभी जिद पर अड़े हैं। 16 अगस्त को ही कोटड़ा में ज्वाइन करने वाले बीडीओ के पिछले कार्यकाल भी ऐसे ही विवादों में रहे हैं।
खजुरिया सरपंच सुरेशकुमार दामा, ग्राम सेवक संघ कोटड़ा के अध्यक्ष बाबूलाल महेरिया, मांडवा लैम्पस अध्यक्ष मुरारीलाल बुंबरिया आदि के नेतृत्व में सरपंच, सचिव सुबह पंचायत समिति कार्यालय आए। बीडीओ के खिलाफ नारेबाजी की। बीडीओ ने सचिवों को कार्यालय बुलाया तो सभी ने इनकार कर दिया।
इसके बाद सचिव व सरपंच उपखंड कार्यालय पहुंचे और तहसीलदार को ज्ञापन दिया। ज्ञापन में गंभीर आरोप लगाए हैं। यहां बीडीओ और सचिवों के बीच करीब एक घंटे वार्ता के दौरान कई बार तकरार की स्थिति बनी। थानाधिकारी दलपतसिंह मौके पर आए। इसके बाद सरपंच-सचिव धरने पर बैठ गए। प्रधान गवरीदेवी गरासिया भी सरपंच व सचिवों के समर्थन में मौजूद रहीं। पूर्व विधायक बाबूलाल खराड़ी भी मौके पर पहुंचे दोनों पक्षों से बातचीत की।
अध्यापक से बने बीडीओ, विवादों में रहे हैं पिछले कार्यकाल भी
मूलत: अलवर जिले में बरखेड़ा के रहने वाले बबलीराम जाट ने चार साल तक सरकारी अध्यापक रहने के बाद जुलाई 2012 में राजस्थान रूरल डवलपमेंट सर्विस ज्वाइन की। कोटड़ा से पहले वे भरतपुर में एपीओ चल रहे थे। बयाना, करौली, धौलपुर जिले के राजाखेड़ा में भी जाट पर इसी तरह के आरोप लगते रहे हैं। बयाना में ब्रह्माद व बीरमपुरा पंचायतों के सचिव लंबी छुट्टी पर रह चुके हैं। बयाना में ही अकाउंटेंट से विवाद चर्चित रहा। जहां जांच भी चल रही है। इन जिलों में सरपंच, सचिव, प्रधान, जिला प्रमुख से भी टकराव होते रहे हैं।
(कोटड़ा (उदयपुर). पंचायत समिति कार्यालय के बाहर बीडीओ से उलझते सरपंच व सचिव)