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एक अनोखी प्रथा का ऐसा फैला आतंक कि जान बचाकर भागे चार सौ घरों के लोग

8 वर्ष पहले
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कोटड़ा। पाली जिले के सुमेरपुर में गुरुवार रात एक युवक की हत्या के बाद कोटड़ा क्षेत्र के दो गांवों के करीब चार सौ परिवार घर छोड़कर चले गए हैं। मारा गया युवक और आरोपी इसी क्षेत्र के हैं, जो सुमेरपुर में मजदूर के लिए गए थे। आदिवासियों की मौताणा प्रथा के तहत चढ़ोतरा की आशंका पर घर छोड़ने वाले लोग या तो रिश्तेदार हैं या फिर एक ही गौत्र के।
दूसरे पक्ष की ओर से संभावित हमले (चढ़ोतरा) की आशंका पर पुलिस जाप्ता तैनात कर दिया गया है। पुलिस के अनुसार सुमेरपुर में गुरुवार रात को मांडवा थाना क्षेत्र के रूजीयाखुणा निवासी मिरिया (20) पुत्र चमना कटेरिया की हत्या कर दी गई। बेकरिया थाना क्षेत्र के गुरा (मेरपुर) निवासी वागा पुत्र माना गरासिया व सिबरवड़ी निवासी मीठिया गरासिया पर हत्या का आरोप है।
इसके बाद बेकरिया थाना क्षेत्र के आरोपियों के गांव टेपूर व सिबरवड़ी में अफरा-तफरी मच गई। रात को ही लोग घरों से अनाज और अन्य सामान जीपों-ट्रैक्टर में भरकर ले जाने लगे थे। ये सिलसिला शुक्रवार को भी जारी रहा। अपना सामान लेकर कई लोग पाली, सिरोही, देवला सहित अन्य स्थानों पर अपने रिश्तेदारों के यहां चले गए। दोनों गांवों में करीब चार सौ परिवार रहते हैं।
आगे की स्लाइड्स में जानें क्या है युवक की हत्या का कारण