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छठी पास युवक ने किया कारनामा, आठ मशीनों का काम करेगा ये अजूबा

8 वर्ष पहले
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उदयपुर। चाहे शहर में हो या गांव में, हुनर कभी नहीं छिपता। वह उभर कर आता है और अपनी काबिलियत दुनिया को दिखा देता है। कुछ ऐसा ही किया है देबारी के युवक बंशी लाल मेघवाल ने, जो महज छठी कक्षा तक पढ़ा है। अपने तकनीकी दिमाग से बंशी लाल ने मल्टी पर्पज ड्रिलिंग मशीन तैयार की है। यह मशीन आठ अलग-अलग काम अकेले ही कर सकती है।
आठ मशीनों से आधी कीमत
मल्टी पर्पज ड्रिलिंग मशीन से ग्राइंडिंग कटर, लोहे, लकड़ी, एल्युमिनियम में ड्रिल, अन्य धातुओं से बनी चीजों की घिसाई, स्टोन कटिंग वर्क, पॉलिश का काम हो सकता है। अभी तक इन सभी कामों के लिए आठ मशीनों का इस्तेमाल होता रहा है। आठ मशीनों की कीमत एक से सवा लाख रुपए के बीच है, जबकि यह एक मशीन 50 हजार रुपए में उपलब्ध हो सकती है। यह मशीन सुथारी और लुहारी काम करने के लिए काफी उपयोगी साबित होगी।
बिजली की खपत भी कम
बंशीलाल ने बताया कि सभी तरह की आठ मशीनों को चलाने के लिए थ्री फेज बिजली कनेक्शन की जरूरत होती है। उनकी मशीन सिंगल फेज कनेक्शन से ही चल सकेगी। लिहाजा इस मशीन से बिजली की भी खासी बचत होगी।
मशीन का कराया पेटेंट
बंशीलाल का दावा है कि ऐसी मशीन कहीं नहीं बनी है। यह उनका मौलिक आइडिया है, जिसका उन्होंने मशीन का पेटेंट भी करवा लिया है। दावे के बाद नई दिल्ली स्थित पेटेंट ऑफिस की ओर से उन्हें पेटेंट नंबर भी जारी किए जा चुके हैं। इस मशीन को बनाने में बंशीलाल को एक साल लगा। आर्थिक तंगी के कारण बंशी लाल इस मशीन को बड़े स्तर पर नहीं बनवा पा रहे हैं।
वर्कशॉप लगाना था तो बनाई मशीन
मैकेनिकल काम करने वाला बंशी लाल काम में इतना माहिर हो गए कि वह अपना वर्कशॉप खोलना चाहते थे। इसमें लगने वाली आठ मशीनों की कीमत देखकर हताश हो गए। उन्होंने खुद ही ऐसी मशीन बनाने की ठान ली, जो आठ मशीनों का काम कर सके।
बेशक बहुउपयोगी होगी यह मशीन
अलग-अलग आठ मशीनों के पार्ट से मशीन तैयार हुई है तो निश्चित ही बहुउपयोगी होगी। लघु उद्योगों के लिए ऐसी मशीनें बनना फायदेमंद होगा। ये सबसे अच्छी बात है कि बिजली की खपत कम होगी। इससे ज्यादा जानकारी मशीन देखकर ही दी जा सकती है।
राजकुमार बागोरा, अधीक्षक, आईटीआई