उदयपुर। सदी का सबसे चमकदार पुच्छल तारा आइसोन दिसंबर में बिना दूरबीन के भी देखा जा सकेगा। आयुका संदर्भ केंद्र एवं सुखाड़िया विश्वविद्यालय की ओर से इस पुच्छल तारे को लेकर दिसंबर में ही वर्कशॉप भी होगी। इसमें आइसोन पर होने वाले वैज्ञानिक अध्ययन पर चर्चा की जाएगी।
सुखाड़िया विश्वविद्यालय में खगोल विशेषज्ञ प्रो. एस.एन. जाफरी ने बताया कि आइसोन पुच्छल तारा चंद्रमा से लगभग 15 गुना अधिक चमकदार दिखाई देगा। खगोलीय घटना में रुचि रखने वाले दिसंबर में इसे आसानी से देख पाएंगे, जब यह हमारे सौर मंडल में प्रवेश करते हुए बृहस्पति की ओर से होते हुए वलयिक पथ में सूर्य की ओर गमन करेगा। इस पुच्छल तारे का प्रकाशीय परिणाम इस वर्ग के इतिहास में सबसे ज्यादा होगा।
इसी कारण इसे सदी का पुच्छल तारा कहा जा रहा है। प्रो.जाफरी के अनुसार पुच्छल तारे वास्तव में डर्टी स्नो बॉल होते हैं, जिनका निर्माण 50 हजार खगोलीय इकाई (सूर्य और पृथ्वी के मध्य की औसत दूरी) पर स्थित ऑटरे शेप में होता है। वहां ये सूर्य के गुरुत्वाकर्षण के प्रभाव में हमारे सौर मंडल में प्रवेश कर जाते हैं। गौरतलब है कि आइसोन की खोज हाल ही रूस के वैज्ञानिकों ने इंटरनेशनल साइंटिफिक ऑप्टिकल नेटवर्क टेलीस्कोप से की है। इसे पश्चिमी क्षैतिज में सूर्यास्त के बाद देखा जा सकेगा।