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मंत्री के हाथों चेक नहीं मिला तो उलझे अभिभावक

8 वर्ष पहले
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उदयपुर। राजीव गांधी डिजिटल विद्यार्थी योजना के जिला स्तरीय समारोह में मंत्री के हाथों चेक नहीं मिलने से नाराज अभिभावकों ने हंगामा खड़ा कर दिया। इसका खामियाजा आयोजकों को उठाना पड़ा। समझाइश के बाद अभिभावक शांत हुए। तब उनके विद्यार्थियों को शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों से चेक प्रदान करवाए गए। समारोह में एक छात्र को प्रथम स्थान पर रहते हुए भी लाभ से वंचित किया गया है।

जिस पर विभाग मामले की जांच में लगा है। समारोह में जिले के 110 विद्यार्थियों को लाभ दिया गया है। कक्षा आठवीं में दूसरे से ग्यारहवें स्थान पर रहने वाले विद्यार्थी को छह-छह हजार के चेक तथा प्रथम स्थान पर रहने वाले को जुलाई में लैपटॉप देने का घोषणा पत्र प्रदान किया गया।इधर, तीतरड़ी के राप्रावि में विद्यार्थियों को टेबलेट पीसी के लिए चेक वितरित किए गए। पहले स्थान पर रहे विद्यार्थियों को लैपटॉप देने का प्रमाण पत्र दिया गया। यहां 300 विद्यार्थियों को 26 लाख के चैक दिए गए।

मुख्य अतिथि गिर्वा प्रधान सुखबीर कटारा थीं। अध्यक्षता शिक्षा समिति अध्यक्ष ओनार सिंह सिसोदिया ने की। मोड़सिंह सिसोदिया, फतेहसिंह देवड़ा, ललित प्रसाद आमेटा, वीरेंद्र सिंह यादव, तीतरड़ी सरपंच दल्लू बाई, भोइयों की पंचोली सरपंच विमल भादविया, उपसरपंच रामसिंह सिसोदिया, चांसदा सरपंच शंकर लाल मीणा, विद्यालय प्रबंधन समिति अध्यक्ष केसर सिंह देवड़ा आदि मौजूद थे। राउप्रावि फांदा के नोडल अधिकारी श्याम बाबू ने स्वागत किया। संचालन विजय राज सिंह शक्तावत ने किया।

नहीं चाहिए चेक! राजकीय विशिष्ट विद्यालय में सुबह दस बजे डिजिटल विद्यार्थी योजना का समारोह शुरू हुआ। इसमें 11 स्कूलों के 110 बच्चे शामिल थे। इस दौरान उनके अभिभावक भी साथ थे। शुरुआती क्रम में मुख्य अतिथि एवं प्रभारी मंत्री महेंद्रजीत सिंह मालवीया ने बच्चों को चेक वितरित किए। उसके बाद अन्य कार्यक्रम के लिए इस कार्यक्रम को छोड़ गए। इस समय अंतिम 11 विद्यार्थी शेष थे। अभिभावक आंदोलित हो गए। एक बारगी चेक लेने से मना भी किया।

50 किमी दूर से आए थे अभिभावकों ने बताया कि यह कार्यक्रम स्कूल स्तर पर भी आयोजित किया जा सकता था, लेकिन अभिभावकों और विद्यार्थियों को बेवजह परेशान कर 50 किमी दूर से यहां बुलाया गया। बावजूद इसके भी मुख्य अतिथि के पास हमारे लिए समय नहीं रहा। विभागीय अधिकारियों ने अभिभावकों को समझाया तथा उन्हें चेक देकर रवाना किया।

यहां भी हुआ आयोजन राउप्रावि रकमपुरा, रामावि.गणेशघाटी, राउमावि सवीना, रामावि. पुरोहितों की मादड़ी, रामावि. पुलिस लाइन, राउप्रावि बोहरा गणेश नगर, राउमावि.मालवा का चौरा, रामावि.धार, राउप्रावि. नाथावतों का गुड़ा, राउप्रावि. वाघेलों का गुड़ा, राउप्रावि. चमनपुरा, राबामावि. बडग़ांव, रामावि.शिशवी में भी कार्यक्रम हुए।

प्रथम होने पर भी लाभ नहीं

2011-12 में जब लैपटॉप की घोषणा की हुई थी, तब विद्यार्थी ईश्वरलाल राउप्रावि. खेमपुरा में था। इसी सत्र में इसने कक्षा आठवीं में प्रथम स्थान प्राप्त किया। उसके बाद वह निजी स्कूल में चला गया। ऐसे में उसके अभिभावक ने आरोप लगाया है कि ईश्वरलाल इस योजना का लाभार्थी है, लेकिन उसे वंचित रखा गया है। इधर, जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक ने जांच करने की बात कही है।