उदयपुर. हैलो...मैं बैंक से बोल रहा हूं, आपका एटीएम नम्बर, खाता ब्लॉक होने वाला है...ऐसे में एटीएम पर लिखा कोड नम्बर, पासवर्ड बताएं....इस तरह के फोन आएं तो सावधान रहें। इन दिनों ऐसे की फोन कॉल्स से कई लोग ठगी का शिकार हो गए हैं। बैंक प्रतिनिधि बनकर फोन पर ठग गिरोह झांसा देकर लाेगों से उनके खाते के सीक्रेट कोड पता करते हैं और कुछ ही सेकंड्स में हजारों और लाखों की ऑनलाइन शॉपिंग और ट्रांजेक्शन हो जाते हैं। उदयपुर में एक महीने में औसतन इस तरह के 15 मामले सामने आ चुके हैं। ऐसे में फोन कॉल्स के बारे में पुलिस को सूचना दें।
इस तरह से झांसे में लेकर बनाते हैं ठगी का शिकार
> एटीएम नम्बर पुराना हो गया है, नया देंगे।
> एटीएम कार्ड या बैंक खाता ब्लॉक होने वाला है, पासवर्ड बताएं।
5 फरवरी : पानेरियों की मादड़ी निवासी तारा पत्नी बटवाल से बदमाश ने एटीएम व खातों की जानकारी लेकर 47 हजार रुपए की ऑनलाइन शॉपिंग कर ली। इसकी रिपोर्ट हिरण मगरी थाने में दर्ज है।
6 फरवरी : एमबी अस्पताल की कर्मचारी पथिक नगर निवासी भगवंती पुत्री शंकरलाल से भी बैंक प्रतिनिधि बनकर पासवर्ड पूछ लिया और 45 हजार रुपए ट्रांसफर कर लिए। मामला सूरजपोल थाने में दर्ज है।
7 फरवरी : देवाली निवासी रोशन सिंह राठौड़ से भी बदमाश ने बैंक प्रतिनिधि बनकर जानकरी ले ली और 12508 रुपए की ऑनलाइन शॉपिंग कर ली। मामला हाथीपोल थाने में दर्ज है।
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यूं चुराते हैं निजी जानकारी
> क्रेडिट कार्ड या लोन एप्लाई के समय डॉक्यूमेंट्स देते समय ध्यान रखें कहीं मिसयूज न हो।
> फोन कर कोड व पासवर्ड पूछकर ऑनलाइन शॉपिंग और ट्रांजेक्शन करते हैं। सीक्रेट कोड किसी को न दें।
> शॉपिंग में एटीएम स्वैप करते समय लोकल मशीन में कार्ड के पीछे लगी मैग्नेटिक स्ट्रिप से एटीएम क्लोन तैयार होते हैं। स्टैंडर्ड मशीन में ही कार्ड स्वैप कराएं।
ग्राहकों को 12 दिन में करना होगा रिफंड
एटीएम में लेन-देन के दौरान किसी ग्राहक का पैसा नहीं निकलता है और अकाउंट से पैसा लेप्स हो जाता है तो ऐसे मामले में ग्राहक को तुरंत बैंक को सूचना देनी चाहिए। नियमानुसार बैंक को कार्रवाई करते हुए ग्राहक को 12 दिन में पैसा लौटाना होता है। 12 दिन में पैसा नहीं देने पर ग्राहक को पेनल्टी के साथ ब्याज दिए जाने का प्रावधान है।
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इन बातों का रखें ध्यान
बैंक फोन पर नहीं मांगता डिटेलकभी भी
मोबाइल या मेल द्वारा ग्राहकों से बैंक अकाउंट की जानकारी नहीं मांगता है। आपकी बर्थ डेट, मोबाइल नंबर, पेन नंबर, एटीएम का पिन नंबर किसी को न बताएं ।
-शिव कुमार गुप्ता, मुख्य सतर्कता अधिकारी,पीएनबी
आईटी एक्ट में दर्ज कराएं केस
इस तरह के मामले साइबर क्राइम में आते हैं। आईपीसी की 420 के साथ ही पब्लिक पुलिस को आईटी एक्ट की धारा लगाने को कहे। इससे मामले की जांच एसआई या इससे उच्च अधिकारी करेंगे। -पंकज शर्मा, आईटी एक्सपर्ट
ठगों से बचें, पुलिस को बताएं
ऐसे मामले प्रार्थी की रिपोर्ट में पर थानों में दर्ज किए जा रहे हैं। इसके लिए अलग से कोई टीम गठित नहीं की गई है, थाना स्तर पर आईओ ही जांच के लिए सक्षम है। लोगों से अपील है कि वे ऐसे ठगों से सावधान रहें, क्यों कि इनमें सावधानी ही बचाव है। -अजयपाल लांबा, एसपी