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डाउनलोड करेंउदयपुर. हिस्ट्रीशीटर से थाने के बाहर 20 हजार रुपए रिश्वत लेने के मामले में सुखेर थाने के एसएचओ गजेंद्रसिंह को लाइन हाजिर कर दिया गया है। मामले में एसएचओ की लापरवाही मानते हुए एसपी अजयपाल लांबा ने यह कार्रवाई की है। दूसरी ओर एसीबी ने गिरफ्तार कांस्टेबल नाहर सिंह और धीरज शर्मा को एसीबी के विशेष न्यायालय में पेश किया। दोनों को जेल भेज दिया गया है। गौरतलब है कि शुक्रवार देर शाम एसीबी ने इन दोनों कांस्टेबल को सुखेर थाने के बाहर रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। तीसरा नामजद कांस्टेबल भाग गया था।
कांस्टेबलों की शिकायत लेकर एसपी से मिली महिला
अखबार में खबर पढ़कर जमनी उर्फ जमना प्रजापत एसपी कार्यालय पहुंची। महिला ने बताया कि कांस्टेबल नाहर सिंह किसी शिकायत के नाम से उसे काफी समय से परेशान कर रहा था और 20 हजार रुपए मांग रहा था। नहीं देने पर बंद करने की धमकी दे रहा था। यही शिकायत लेकर पहले वह सुखेर थाने पहुंची थी। रोने-गिड़गिड़ाने के बावजूद वहां सुनवाई नहीं हुई तो एसपी ऑफिस पहुंची। दोनों कांस्टेबल की गिरफ्तारी के बाद कई लोगों ने इनके द्वारा झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी देकर परेशान करने की बात बताई।
बीट कांस्टेबलों के काम-काज को लेकर नाराजगी
कांस्टेबल नाहर सिंह और धीरज शर्मा के रिश्वत लेते पकड़े जाने के बाद पुलिस सिस्टम की खामियां सामने आई हैं। बीट कांस्टेबल अपने क्षेत्र में इस हद तक लोगों को दबा कर रखते हैं कि वे खुलकर बोल तक नहीं पाते। जो कोई थाने पहुंच भी जाएं तो उनकी उचित सुनवाई नहीं होती है। इससे आमजनता में ऐसे बीट कांस्टेबल के प्रति रोष है। एसपी ऑफिस पेश हुई महिला ने बताया कि उसे पता नहीं था कि नाहर सिंह की भी कहीं शिकायत कर सकते हैं। अखबार में पढ़ा तो पता चला।
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