तालाबों पर प्रवासी पक्षियों की जलक्रीड़ा

9 वर्ष पहले
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उदयपुर. शहर के विभिन्न विद्यालय, महाविद्यालय के विद्यार्थियों एवं प्रकृति प्रेमियों ने प्रकृति भ्रमण कर पक्षी दर्शन का लुत्फ उठाया। मौका था वन्यजीव प्रभाग की ओर से आयोजित दो दिवसीय प्रकृति भ्रमण कार्यक्रम का। इस मौके पर प्रकृति प्रेमियों ने आसपास के तालाबों को पक्षी दर्शन के लिए चुना। पक्षियों की जल क्रीड़ा और उनके प्राकृतिक स्वभाव को नजदीक से जानने के लिए प्रकृति प्रेमी भटेवर, अडिंदा, घासा, बाठेड़ा, राठौड़ों का गुडा, मेनार क्षेत्रों के तालाबों पर पहुंचे।
मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) डॉ. एन सी जैन ने कहा कि भ्रमण का मुख्य उद्देश्य प्रकृति प्रेमियों को प्रकृति से जोड़ना है। वन्य जीव प्रभाग उदयपुर, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग एवं भारतीय पर्यावरण समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में 55 लोगों ने भाग लिया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीण ईको सिस्टम तथा वनस्पतियों के आर्थिक सामाजिक महत्व को समझा।
ये पक्षी दिखाई दिए : डॉ. जैन ने बताया कि विद्यार्थियों ने प्रवासी पक्षियों में पेलिकन, कॉमन पोचार्ड, शेवलर आदि तथा स्थानीय प्रजातियों में फ्लेमिंगो, स्पॉट बिल, स्ट्रॉक, टिटहरी सहित मिलाकर 50 से अधिक प्रजातियों के आवास, व्यवहार, आहार, प्रजनन आदि क्रियाओं का अध्ययन किया। इस दौरान डॉ. आर.के. गर्ग, मनीष जैन, विनय दवे, दीपेंद्र शेखावत, दीपक, इरफान आदि पक्षी विशेषज्ञों ने पक्षियों की प्रकृति से अवगत कराया।