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सॉफ्ट सीटेड वाल्व रोकेगा पानी की 30% तक बर्बादी

7 वर्ष पहले
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उदयपुर. सॉफ्ट सीटेड वाल्व से शहर की पेयजल लाइनों से होने वाला पानी का बीस से तीस प्रतिशत लीकेज रोका जाएगा। इसके लिए जलदाय विभाग ने काम शुरू कर दिया है। पहले चरण में शहर की प्रमुख पानी की टंकियों के वाल्व बदलकर सॉफ्ट सीटेड वाल्व लगाए गए हैं।

जलदाय इंजीनियर्स के अनुसार पुराने वाल्व से लीकेज की समस्या थी। ऐसे में सप्लाई के दौरान पीने का 30 प्रतिशत तक पानी लीकेज में व्यर्थ चला जाता था। अब विभाग ने लीकेज पर फोकस करते हुए सॉफ्ट सीटेड वाल्व लगाना शुरू किया। शहर में 30 से अधिक टंकियों में नई तकनीकी वाला यह वाल्व लगाया गया। वितरण प्रणाली से जुड़ी लाइनों में लगे वाल्व को बदलना बाकी है। जलदाय विभाग के अधीक्षण अभियंता (सिटी) दुर्गेश कुमार गौड़ ने बताया कि शहर की पुरानी पेयजल लाइनों की मरम्मत और जगह-जगह वितरण प्रणाली को जोडऩे वाली लाइनों में लगने वाले पुराने वाल्व बदले जाएंगे। इससे पेयजल वितरण में सुधार आएगा।

सॉफ्ट सीटेड वाल्व से ये होंगे फायदे

- लीकेज पर लगेगा अंकुश
- ऑपरेशन में होगी आसानी
- टंकी से और अधिक प्रेशर से निकलेगा पानी
- वितरण में पानी का फोर्स बढ़ेगा।

शहर में 80 एमएलडी पानी की सप्लाई

शहरी और औद्योगिक क्षेत्र में प्रतिदिन 95 एमएलडी पानी की डिमांड रहती है, लेकिन विभाग द्वारा 80 एमएलडी पानी का वितरण किया जा रहा है। शहर की आबादी लगभग साढ़े पांच लाख है। ऐसे में प्रति व्यक्ति 110 से 115 लीटर प्रति व्यक्ति प्रतिदिन पानी की सप्लाई हो रही है।

कहां से लेते है कितना पानी

पीछोला 17 एमएलडी
फतहसागर 13 एमएलडी
जयसमंद 21 एमएलडी
मानसीवाकल 24 एमएलडी
कुएं, बावड़ी, ट्यूबवेल 5 एमएलडी
कुल 80 एमएलडी(एमएलडी : मिलियन लीटर डेली)