उदयपुर. फतहसागर का पानी रविवार को बंसियों से बाहर किनारे की सड़क के पार पहुंच गया। यह निर्माणाधीन पार्क को छू गया। ऐसा 2006 में हुआ था। बच्चों ने लिए यह नजारा हैरत भरा था। सैलानियों के लिए भी इतनी लबालब झील में स्पीड बोट से सैर करना कम रोमांचक नहीं था। लोगों ने सड़क पर पानी में खड़े कर इस लम्हे को कैमरे में कैद किया। दूसरी तरफ ओवरफ्लो को देखने इतनी भीड़ उमड़ी कि इसे नियंत्रित करने पुलिस को भी खासी मशक्कत करनी पड़ी। ट्रैफिक वन-वे करने के बावजूद जाम के हालात रहे।
नेहरू गार्डन : पानी कम होने में लगेंगे दो माह
नेहरू गार्डन में घुसे पानी कोे कम होने में दो माह लग सकते हैं। पीडब्ल्यूडी के एसई अनिल नेपालिया ने दोपहर को हालात देखकर बताया कि गार्डन में इतना पानी है कि कम होेने में दो माह लग सकते हैं। सबसे ज्यादा नुकसान लॉन को हुआ है। पीडब्ल्यूडी मंत्री को इसकी रिपोर्ट भेजेंगे। इधर, झील किनारे गार्डन के टिकट बुकिंग काउंटर मेें भी करीब पौन फीट पानी भर गया। पानी के साथ सांप भी आने से स्टाफ को सड़क किनारे बैठकर बुकिंग करनी पड़ी। शाम साढ़े पांच बजे बुकिंग ही बंद कर दी गई।
और इधर देवास-प्रथम बांध के गेट खाेले
34 फीट भराव क्षमता वाला देवास प्रथम रविवार को छलकने लगा। जल संसाधन विभाग ने इसका गेट चार इंच खोलकर पानी पीछोला की ओर डायवर्ट कर दिया। सीसारमा में बहाव कम होेने पर रात आठ बजे स्वरूप सागर के दो गेट बंद कर दिए गए और दो को अाधा फीट कर दिया गया। मदार के दोनों तालाबों और गोवर्धन सागर सहित कई तालाबों के छलकने का क्रम बना हुआ है। बीती रात ऋषभदेव में 40 मिलीमीटर पानी बरसा।
वल्लभनगर बांध 18 फीट पर
उदयसागर की आवक से साढ़े 19 फीट भराव क्षमता वाले वल्लभनगर बांध का जलस्तर 18 के करीब हो गया। जल संसाधन विभाग ने बांध के निचले इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों को अलर्ट कर दिया है। यह भी चेताया गया है कि पानी के बहाव क्षेत्र में बने कॉजवे पार करते समय सावधानी बरतें।
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